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Political battle over Maoism intensifies, with accusations and counter-accusations amid surrenders
रायपुर। बस्तर में माओवाद कमजोर पड़ने और बड़ी संख्या में कैडर के आत्मसमर्पण के बीच अब इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है।
बड़ी संख्या में माओवादी लौटे समाज की मुख्यधारा में
आंकड़ों के अनुसार, अब तक बड़ी संख्या में माओवादी पुनर्वास के जरिए सामान्य जीवन की ओर लौट चुके हैं। सरकार का दावा है कि यह बदलाव सुरक्षा बलों की रणनीति और विकास कार्यों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री का पूर्व सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माओवाद के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना है कि 2023 में देश में माओवाद का सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़ में था, जो उस समय की सरकार की कमजोर नीति और इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है। साय ने आरोप लगाया कि अगर पहले ठोस कदम उठाए गए होते, तो हालात इतने गंभीर नहीं बनते। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा दौर में माओवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि माओवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर उनके बयान और गतिविधियां भ्रम पैदा करती हैं। साय के अनुसार, कुछ मौकों पर माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे तत्वों के साथ मंच साझा करने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे उनकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
भूपेश बघेल का पलटवार
दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्र सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान माओवाद प्रभावित राज्यों के साथ लगातार बैठकें होती रहीं, जिनमें केंद्र के अधिकारी भी शामिल रहते थे। बघेल का कहना है कि अगर उनकी सरकार पर माओवादियों को संरक्षण देने का आरोप सही है, तो केंद्र इसके ठोस प्रमाण सार्वजनिक करे।
जवाबी हमला जारी
मुख्यमंत्री साय ने बघेल के बयान को तथ्यों से परे बताते हुए कहा कि यह सिर्फ अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
जमीनी बदलाव बनाम राजनीतिक बहस
एक तरफ जहां बस्तर में माओवाद के कमजोर होने और आत्मसमर्पण की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है।