

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Politics: Punjab politics simmers, Raghav Chadha's allegations heat up the political atmosphere
नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके खिलाफ बदले की राजनीति की जा रही है। उन्होंने अन्य सांसदों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
भाजपा में जाने के बाद बढ़ा दबाव, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
चड्ढा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें और उनके साथियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में किया जा रहा है, जिससे उनके कामकाज और निजी जीवन दोनों पर असर पड़ा है।
सांसदों पर कार्रवाई के आरोप, हरभजन सिंह का भी जिक्र
उन्होंने दावा किया कि पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह के खिलाफ भी उत्पीड़न हुआ है। उनके घर के बाहर अपमानजनक नारे लिखे गए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। इसके अलावा अन्य सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
सरकारी विभागों के इस्तेमाल पर सवाल, फैक्टरी और नोटिस का विवाद
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य विभागों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। कुछ सांसदों के कारोबार और संस्थानों को प्रभावित करने की भी बात सामने आई है।
पंजाब सरकार का पलटवार, सदस्यता रद्द करने की मांग
उधर भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर उन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है, जिन्होंने हाल ही में पार्टी से दूरी बनाई है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनादेश का मुद्दा है।
संविधान और जनादेश पर टकराव, सियासी बहस तेज
इस पूरे मामले ने अब संवैधानिक और राजनीतिक बहस का रूप ले लिया है। एक तरफ सांसदों का आरोप है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार का कहना है कि यह जनादेश और प्रतिनिधित्व से जुड़ा मामला है।
केंद्र और राज्यों के बीच टकराव की झलक, बढ़ा राजनीतिक तापमान
यह विवाद अब सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बयानबाजी और राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।