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Raipur Expressway controversy escalates, safety issues raised after service lanes were demolished to open a new route
रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित सिटी सेंटर मॉल के सामने एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन को काटकर नया रास्ता खोले जाने का मामला अब विवादों में घिर गया है। इस फैसले के बाद जहां ट्रैफिक दबाव बढ़ा है, वहीं सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और विपक्ष ने इसे नियमों के खिलाफ बताया है।
सर्विस लेन पर नया कट, ट्रैफिक व्यवस्था हुई प्रभावित
जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन में करीब 15 फीट चौड़ा नया रास्ता बनाया गया है, जिससे वाहन सीधे मॉल और पंडरी मार्केट की ओर जाने लगे हैं। इसके चलते अब कई वाहन रांग साइड से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक सुधारने के नाम पर एक नया जाम पॉइंट तैयार कर दिया गया है, जहां हर समय वाहनों की भीड़ और टकराव की स्थिति बनी रहती है।
नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक एक्सप्रेस-वे निर्माण के समय स्पष्ट नियम था कि इस मार्ग पर कोई नया कट नहीं खोला जाएगा। इसके बावजूद नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक विभाग की सहमति से यह बदलाव किया गया, जिससे अब विवाद खड़ा हो गया है।
लोगों का आरोप है कि यह निर्णय बिना उचित ट्रैफिक अध्ययन और सुरक्षा आकलन के लिया गया, जिससे आने वाले समय में हादसों का खतरा और बढ़ सकता है।
व्यापारिक गतिविधियों से बढ़ा दबाव
नई खुली सड़क के कारण आसपास की दुकानों और गोदामों से वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़ा कर रहे हैं, जिससे सर्विस लेन और भी संकरी हो गई है। पीक आवर में यहां भारी जाम लगने की स्थिति बन रही है।
विधायक ने दी सफाई, आगे समीक्षा का आश्वासन
इस मामले में स्थानीय विधायक ने कहा कि ट्रैफिक समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, लेकिन यदि इससे परेशानी बढ़ती है तो इसे दोबारा बंद करने पर विचार किया जाएगा।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, जांच की मांग
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह फैसला कुछ रसूखदार लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है।
पार्टी ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और एक्सप्रेस-वे की मूल डिजाइन रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई नहीं होने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
सुरक्षा और व्यवस्था पर बड़ा सवाल
एक्सप्रेस-वे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर इस तरह के बदलाव ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि बिना वैज्ञानिक ट्रैफिक प्लानिंग के लिए गए ऐसे फैसले आने वाले समय में कितने सुरक्षित साबित होंगे।