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Raipur News: Plaster falls from IGKV hostel ceiling, student critically injured; NSUI stages fierce protest, students lie down in front of Vice-Chancellor's car.
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में छात्रावास की जर्जर हालत एक बार फिर सामने आई है। शिवम बॉयज हॉस्टल के एक कमरे की छत का प्लास्टर गिरने से बीएससी एग्रीकल्चर प्रथम वर्ष के छात्र नीरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और एनएसयूआई ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
बताया गया कि गुरुवार रात छात्र नीरज कुमार अपने कमरे में पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक छत का प्लास्टर टूटकर उनके सिर पर आ गिरा। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई और अस्पताल में चार टांके लगाने पड़े। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर छात्र का एमआरआई भी कराया है।
छात्रों का आरोप है कि शिवम हॉस्टल की हालत लंबे समय से बेहद खराब है। 40 कमरों वाले इस हॉस्टल में करीब 120 छात्र रह रहे हैं, जबकि कई कमरों में क्षमता से अधिक छात्रों को ठहराया गया है। गुरुवार को ही छह कमरों का प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई। बारिश के दौरान छत से पानी टपकना और कमरों में पानी भरना यहां आम बात बन चुकी है।
छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन केवल औपचारिक मरम्मत कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है। जर्जर भवन में रह रहे छात्रों को सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने के बजाय उसी भवन में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वहीं कुलपति से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही।
घटना के बाद छात्र संगठनों ने हॉस्टल की मरम्मत और रखरखाव पर खर्च हुए बजट की उच्चस्तरीय तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग की है। साथ ही छात्र कल्याण अधिष्ठाता, इंजीनियरिंग शाखा और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल हटाकर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है।
शुक्रवार को एनएसयूआई के प्रदेश सचिव महताब हुसैन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र कुलपति की गाड़ी के सामने लेट गए और जमकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं का कहना था कि यदि हॉस्टल की जर्जर छत के नीचे दबकर ही मरना है, तो इससे बेहतर है कि कुलपति अपनी गाड़ी उनके ऊपर चढ़ा दें।
छात्र संगठनों ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय छात्रावासों का स्वतंत्र और निष्पक्ष सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही शिवम हॉस्टल में रह रहे सभी छात्रों को तत्काल सुरक्षित भवन में शिफ्ट करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।