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Chhattisgarh: Raipur Police arrest two masterminds of a gang that defrauded people of crores of rupees in the name of online jobs.
रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन जॉब के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 13 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार, ठगों ने ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ और घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर दो लोगों को अपना शिकार बनाया।
-थाना राखी क्षेत्र में पारस कुमार धीवर से 24 लाख रुपये की ठगी की गई।
-थाना धरसीवां क्षेत्र में ललित साहू से 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और टेलीग्राम चैट के विश्लेषण के बाद पुलिस टीम ने राजस्थान और महाराष्ट्र में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने पहले इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर दो और मास्टरमाइंड पकड़े गए है,
-आशीष परिहार (28 वर्ष), निवासी नसीराबाद, जिला अजमेर
-लक्ष्मन देवासी (37 वर्ष), निवासी जिला पाली
दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से देशभर में लोगों को निशाना बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
कार्रवाई के साथ रायपुर पुलिस ने आम लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए सावधान रहने की अपील की है।
ऐसे पहचानें ठगी का जाल
-यूट्यूब वीडियो लाइक या होटल रिव्यू के बदले पैसे देने का लालच
-नौकरी शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी फीस मांगना
-व्हाट्सऐप या टेलीग्राम पर अनजान नंबर से पार्ट टाइम जॉब ऑफर
बचाव के उपाय
-नौकरी के नाम पर किसी को पैसे न दें
-अनजान लिंक या APK फाइल डाउनलोड न करें
-OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें
पुलिस ने लोगों से किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर की जानकारी तत्काल साइबर सेल को देने की अपील की है।