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Chhattisgarh: Rajnandgaon police range is completely free from Maoist violence...read how this major success was achieved
राजनांदगांव। माओवादी हिंसा मुक्त करने की समयसीमा से पांच दिन पहले, राजनांदगांव पुलिस रेंज ने पूरी तरह सफलता हासिल कर ली है। मोहला-मानपुर और अंबागढ़ चौकी के साथ कांकेर जिले की सीमा पर सक्रिय राजनांदगांव-कांकेर बार्डर (आरकेबी) डिविजन के छह माओवादी गुरुवार को कांकेर में आत्मसमर्पण कर दिए।
इनाम और हथियार
इन छह माओवादियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम था। इसमें स्वरूपा उसेंडी पर आठ लाख और मंगेश पोडियमी, एसीएम गणेश वीके, मंगती जुरी, हिडमे मरकाम और राजे पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम रखा गया था। सभी ने एक एसएलआर और दो 303 राइफलें भी पुलिस को सौंप दी हैं।
जिले में माओवादी प्रभाव का अंत
बस्तर रेंज के आइजी सुंदरराज पी ने कहा कि आरकेबी डिविजन के अंतिम सक्रिय माओवादियों के समर्पण के साथ ही राजनांदगांव जिला पूर्ण रूप से माओवादी प्रभाव से मुक्त हो गया है। यह माओवादी हिंसा को समाप्त करने के लिए वर्षों की मेहनत और रणनीति का परिणाम है।
पिछले अभियान की यादें
13 अगस्त 2025 को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के बांदा पहाड़ में हुई मुठभेड़ में केंद्रीय कमेटी मेंबर विजय रेड्डी और डिविजनल कमेटी मेंबर लोकेश सलामे के एनकाउंटर के बाद ही जिले में माओवादियों की अंतिम संख्या कम हो गई थी। 15 मार्च को संयुक्त बलों ने एक और माओवादी टुकड़ी को पकड़ने का प्रयास किया था, जिसमें वे अपना सारा सामान छोड़कर फरार हो गए थे।
मुख्यधारा में लौटने वालों को सहायता
पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने कहा कि जो माओवादी शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए मुख्यधारा में लौटेंगे, उन्हें सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी।