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Ram Mandir offering controversy: Decision on the resignations of Champat Rai and Dr. Anil Mishra on July 6; voting to take place during the Trust's emergency meeting.
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे को लेकर नया मोड़ आ गया है। दोनों के 27 जून को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दिए गए इस्तीफों पर अब 6 जुलाई को ट्रस्ट की आपात बैठक में फैसला होगा। बैठक में ट्रस्ट के 12 सदस्यों की राय अहम मानी जा रही है।
ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है। ऐसे में इस्तीफों को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए शेष ट्रस्टियों की सहमति महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, इस्तीफा स्वीकार होने की स्थिति में भी चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र ट्रस्ट से बाहर नहीं होंगे। उन्हें केवल पद से मुक्त किया जा सकता है, जबकि ट्रस्ट की आजीवन सदस्यता बरकरार रहेगी।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही उत्तर प्रदेश एसआईटी गुरुवार को एक बार फिर अयोध्या पहुंची। टीम ने करीब आठ घंटे तक जांच की और डॉ. अनिल मिश्र तथा गोपाल राव से पूछताछ की। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा को नोटिस जारी किया गया है और उसके खिलाफ अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली गई है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे प्रकरण की परतें खुलने की संभावना है।