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Ram Mandir offering controversy: SIT expands scope of investigation; probe launched into missing donated jewelry.
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब और गहराती जा रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने नकदी के साथ-साथ दान में मिले आभूषणों के गायब होने की आशंका की भी जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र से लंबी पूछताछ की गई, जबकि महासचिव चंपत राय को भी दोबारा तलब कर बयान दर्ज किए गए।
जांच के दौरान एसआईटी ने महाकुंभ के समय एक श्रद्धालु द्वारा दान किए गए आभूषणों और जौनपुर से भेंट किए गए चांदी के दो हार के गायब होने की आशंका पर भी पड़ताल शुरू की है। इस मामले में मंदिर के पुजारियों और आभूषणों की देखरेख से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी दान में मिले आभूषणों का रिकॉर्ड और उपलब्ध सामग्री का मिलान कर रही है।
आंखों के इलाज के लिए चेन्नई गए ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र को एसआईटी ने तत्काल अयोध्या बुलाया। गुरुवार को उन्होंने जांच दल के सामने पेश होकर सवालों के जवाब दिए। उनके साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी दोबारा पूछताछ की गई। दोनों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने डॉ. मिश्र से पूछा कि चढ़ावे की नकदी की गिनती के दौरान उनकी क्या भूमिका रहती थी, नकदी बैंक तक किसकी निगरानी में पहुंचती थी, क्या कभी चोरी की शिकायत उनके संज्ञान में आई और नकदी गिनने वाले कर्मचारियों का सत्यापन कराया गया था या नहीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब जांच टीम को दिए हैं।
जांच एजेंसी ने रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव, ट्रस्ट कर्मचारी कृष्णदेव तिवारी, बैंक और कलेक्शन एजेंसी के कर्मचारियों सहित कई अन्य लोगों से भी दोबारा पूछताछ की। चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव और उनके भतीजे मनीष यादव से भी घंटों पूछताछ की गई। जांच के दौरान कई बिंदुओं पर अलग-अलग बयान सामने आने की भी चर्चा है।
एसआईटी लगातार चौथे दिन भी मंदिर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच करती रही। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड की प्रतियां सुरक्षित कर कई पेन ड्राइव में संग्रहित की हैं। माना जा रहा है कि शुरुआती जांच पूरी होने के बाद जल्द ही राज्य सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जा सकती है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब यह मामला 22 जून को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत में इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई होने की संभावना है।