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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव का मनगट्टा क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक 24 साल की युवती की रहस्यमयी मौत है। भिलाई की रहने वाली मुस्कान तिवारी की 'विसलीइंग वुड रिसॉर्ट' में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं जो मनगट्टा के इन आलीशान रिसॉर्ट्स के पीछे चल रहे काले खेल को बेनकाब करते हैं। आखिर रात में ऐसा क्या हुआ कि मुस्कान बाथरूम में बेहोश मिली? और सबसे बड़ा सवाल, सुबह होने से पहले उसके साथ आए दोस्त आखिर क्यों फरार हो गए?
बाथरूम में मिली लाश, दोस्त हुए रफूचक्कर
जानकारी के मुताबिक, भिलाई निवासी 24 वर्षीय मुस्कान तिवारी अपने कुछ दोस्तों के साथ मनगट्टा स्थित 'विसलीइंग वुड रिसॉर्ट' में रुकी हुई थी। बताया जा रहा है कि देर रात वह बाथरूम में बेहोशी की हालत में पाई गई। सुबह करीब 8 बजे जब रिसॉर्ट प्रबंधन को इसकी भनक लगी, तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में युवती को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब पुलिस को पता चला कि मुस्कान के साथ आए उसके तमाम साथी सुबह का सूरज उगने से पहले ही रिसॉर्ट से गायब हो चुके थे। अगर यह सामान्य मौत थी, तो दोस्त लाश छोड़कर क्यों भागे? आखिर उन्हें किस बात का डर था?
पुलिस जांच के घेरे में कई अनसुलझे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों और घटनाक्रम को देखें तो कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं जिनकी गहराई से जांच होनी जरूरी है।
नशे का ओवरडोज या कुछ और?
क्या रिसॉर्ट के भीतर किसी प्रतिबंधित नशे या पार्टी ड्रग्स का इस्तेमाल हो रहा था? क्या मुस्कान की मौत अत्यधिक नशे के कारण हुई या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?
घरवालों को थी जानकारी?: क्या मुस्कान के परिजनों को पता था कि वह अपने दोस्तों के साथ मनगट्टा के रिसॉर्ट में रुकी हुई है?
संदेही साथियों की लोकेशन?
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उन फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश करनी चाहिए जो आधी रात को रिसॉर्ट से दुम दबाकर भागे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल रिसॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ जारी है।
नेताओं का पैसा, अवैध निर्माण और अय्याशी का गढ़!
यह कोई पहली बार नहीं है जब मनगट्टा के रिसॉर्ट्स विवादों में आए हैं। सूत्रों की मानें तो मनगट्टा क्षेत्र में 300 से ज्यादा छोटे-बड़े रिसॉर्ट्स तने हुए हैं। चर्चा तो यह भी है कि इनमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई रसूखदार नेताओं और सफेदपोशों का बेनामी पैसा लगा हुआ है। ऊंचे रसूख और रोंगटे खड़े कर देने वाली रईसी की आड़ में इन रिसॉर्ट्स में धड़ल्ले से अवैध गतिविधियां और अय्याशी का खेल चलता है। वीकेंड्स पर यहां होने वाली पार्टियां अक्सर जांच के दायरे से बाहर रहती हैं।
महीने भर पहले ही चला था प्रशासन का बुलडोजर
आपको याद दिला दें कि इसी साल 23 मई को प्रशासन ने मनगट्टा, बघेरा और झूराडबरी क्षेत्र में भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। एसडीएम गौतम पाटिल और तहसीलदार प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में करीब एक दर्जन बुलडोजरों ने 4 घंटे तक तांडव मचाया था।
कृषि और शासकीय भूमि पर कब्जा कर बनाए गए करीब 150 एकड़ में फैले अवैध रिसॉर्ट्स, मैरिज लॉन और मुरुम की सड़कों को जमींदोज किया गया था। इन रसूखदारों को पहले कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था, लेकिन सत्ता और पैसे के नशे में चूर इन लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद प्रशासन का डंडा चला था।
प्रशासनिक बुलडोजर से अवैध दीवारें तो ढह गईं, लेकिन मनगट्टा के भीतर चल रहा अपराध और अय्याशी का नेटवर्क अब भी कितना मजबूत है, यह इस 24 साल की बेटी की संदिग्ध मौत से साफ जाहिर होता है। पुलिस प्रशासन को अब सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि मनगट्टा के हर उस रिसॉर्ट की कुंडली खंगालनी चाहिए जहां रसूख की आड़ में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।