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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र के ग्राम नौगई में मंगलवार की रात एक ऐसा वीभत्स और रोंगटे खड़े कर देने वाला तिहरा हत्याकांड सामने आया, जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। इस खूनी वारदात के बाद से जिला मुख्यालय बैकुंठपुर और सोनहत क्षेत्र पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो चुके हैं और इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।
रेत माफिया और रसूखदारों के इस खूनी खेल का खौफ ग्रामीणों पर इस कदर हावी है कि पूरा गांव पूरी तरह खामोश हो चुका है और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस मामले में चश्मदीद गवाह जुटाने की बन गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे पिछले 12 वर्षों से चली आ रही पंचायत की राजनीति, ठेकेदारी और जंगलों से होने वाले अवैध रेत के काले कारोबार का मुख्य हाथ है। रेत के इस अवैध धंधे में होने वाले भारी मुनाफे के कारण दो परिवारों के बीच लंबे समय से वर्चस्व की जंग चल रही थी, जिसका अंत इस खूनी अंजाम के रूप में हुआ।
घटना वाले दिन (मंगलवार) दोपहर को शिवघाट के पास मयंक सिंह और उनके साथियों द्वारा हथियार अड़ाकर मारपीट किए जाने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद रात में समझौते के बहाने पहुंचे भाजपा नेता भरत उर्फ लल्ला सिंह, नागेंद्र और वीरेंद्र की फॉर्च्यूनर कार को अचानक घेर लिया गया। आरोपियों ने पहले डिपर (भारी वाहन) से कार को जोरदार टक्कर मारी और फिर उसके बाद गाड़ी समेत तीनों को सरेआम जिंदा फूंक दिया।
इस भयावह हत्याकांड के बाद भड़कते जन-आक्रोश को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पूरे जिले में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सोनहत और जिला मुख्यालय में भारी वाहनों और जवानों के साथ लगातार फ्लैग मार्च निकाल रही हैं। मुख्य सड़कों पर भले ही पुलिस का सख्त पहरा हो, लेकिन प्रभावित ग्राम नौगई के भीतर खौफ का मंजर है। आलम यह है कि ग्रामीण पुलिस को देखते ही अपने घरों के दरवाजे अंदर से बंद कर रहे हैं और कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस संबंध में एडिशनल एसपी (ASP) सुरेश चौबे ने बताया “इस मामले में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं घटना में शामिल पांच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। पुलिस की टीमें जिले भर में लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
दोपहर में एफआईआर दर्ज होने और देर रात इतनी बड़ी घटना घट जाने के सवाल पर एएसपी ने कहा कि घटना से पहले दोनों पक्षों को समझाइश दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यह दुखद वारदात घटित हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की सघन जांच में जुटी है।