

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Refusal to join proved costly: 176 teachers suspended, now the battle has begun in court.
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए 176 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। ये वे शिक्षक हैं जिन्होंने नए पदस्थापना स्थल पर समय पर ज्वाइनिंग नहीं दी। विभाग के इस फैसले के खिलाफ अब एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक हाई कोर्ट की शरण में पहुंच चुके हैं।
15 हजार से ज्यादा तबादले, लेकिन कई ने नहीं मानी व्यवस्था
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक युक्तियुक्तकरण के तहत कुल 15 हजार 310 सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं का ट्रांसफर किया गया था। 25 अप्रैल तक 303 शिक्षकों ने नई जगह पर ज्वाइनिंग नहीं दी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
सबसे ज्यादा विरोध सक्ती जिले से, कोर्ट में बढ़ीं याचिकाएं
इस फैसले को चुनौती देने वालों में सक्ती जिले के शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है। कई शिक्षकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राहत की मांग की है। कुछ मामलों में अदालत से अंतरिम राहत भी मिलने की खबर है।
निलंबन के साथ वेतन पर भी असर, कई जिलों में कड़ी कार्रवाई
कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं रही। विभाग ने 14 शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश भी जारी किए हैं, जिनमें 12 शिक्षक कोंडागांव जिले के हैं। वहीं कांकेर जिले में 72 शिक्षकों को सस्पेंड किया गया है। अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी है।
सरकार पहले ही दे चुकी थी चेतावनी, अब दिखी सख्ती
राज्य सरकार की ओर से पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। बावजूद इसके ज्वाइनिंग में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा: कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
अब पूरा मामला न्यायालय में पहुंच चुका है, ऐसे में आने वाले दिनों में हाई कोर्ट का रुख तय करेगा कि शिक्षकों को राहत मिलती है या विभाग की कार्रवाई बरकरार रहती है। फिलहाल इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।