

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Registration of houses and land becomes cheaper in Chhattisgarh, 0.60% cess abolished
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत दी है। विधानसभा ने शुक्रवार को ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ ध्वनिमत से पारित किया। अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर दिया गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस कदम से सालाना लगभग 460 करोड़ रुपये का बोझ आम जनता पर से कम होगा।
सीधे लाभ आम जनता को
उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को करीब 60 हजार रुपये की बचत होगी। इसके अलावा पंजीयन प्रक्रिया को सरल और स्मार्ट बनाया जा रहा है। अब रजिस्ट्री होते ही स्वतः नामांतरण होगा, जिससे लोगों को महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मई 2025 से अब तक करीब डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया गया है।
तकनीकी सुधार और सुविधाएं
पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन लागू किया गया है, जिससे फर्जी नामांतरण रोका जा सके। साथ ही 10 कार्यालयों को पीपीपी मोड में स्मार्ट और वातानुकूलित बनाया जा रहा है, जहां स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, मुफ्त वाई-फाई और क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन की सुविधा मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए चयन मंडल
साथ ही विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026’ भी पारित किया। अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए एक ही मंडल सभी विभागों की संयुक्त परीक्षाएं आयोजित करेगा। इससे छात्रों को बार-बार फॉर्म और फीस भरने की जरूरत नहीं होगी और भर्ती प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और एकरूप होगी।