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Requirement for English medium in Swami Atmanand schools is reasonable; High Court dismisses petition.
बिलासपुर। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भर्ती के लिए अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की अनिवार्यता को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उचित माना है। इस शर्त को चुनौती देने वाले हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों की याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में नियुक्ति के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने की शर्त को अपने आप में मनमाना या अनुचित नहीं कहा जा सकता।
लोक शिक्षण संचालनालय ने 29 सितंबर 2026 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 1812 संविदा पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें छठी कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अंग्रेजी माध्यम से पूरी करने की शर्त रखी गई थी। हालांकि, हिंदी और संस्कृत विषय के व्याख्याताओं तथा शिक्षकों को इस अनिवार्यता से छूट दी गई थी।
भर्ती विज्ञापन की पात्रता शर्त के खिलाफ नौ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि भर्ती नियमों में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के आधार पर इस तरह की पात्रता तय नहीं की गई है। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की अनिवार्यता के चलते हिंदी माध्यम से शिक्षा हासिल करने वाले उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।याचिकाकर्ताओं ने विज्ञापन की संबंधित शर्त निरस्त करने और हिंदी व अंग्रेजी, दोनों माध्यमों से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने का अवसर देने की मांग की थी।
राज्य शासन की ओर से शासकीय अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य संचालित करने के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने की शर्त जरूरी है। हाईकोर्ट ने इस दलील के संदर्भ में भर्ती की शर्त को अनुचित नहीं माना और याचिका खारिज कर दी।