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Road accident alert, new system of free treatment up to Rs 1.5 lakh implemented
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के पीड़ितों को त्वरित इलाज और बेहतर राहत देने के लिए Cashless Road Accident Treatment Scheme लागू कर दी गई है। अब जैसे ही कोई घायल व्यक्ति सरकारी या कैशलेस स्कीम से मान्यता प्राप्त निजी अस्पताल में भर्ती होगा, जिले के कलेक्टर और एसपी को तुरंत अलर्ट मैसेज मिल जाएगा। इसके साथ ही दुर्घटना से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड भी प्रशासन के पास पहुंच जाएगा।
एक सप्ताह तक 1.5 लाख रुपये का मुफ्त इलाज
इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति का, चाहे उसके पास आयुष्मान कार्ड हो या नहीं, एक सप्ताह तक 1.5 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क किया जाएगा। अस्पताल को मरीज और घटना से जुड़ी सभी जानकारियां ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड करनी होंगी। इससे पुलिस और प्रशासन की टीम तेजी से अस्पताल और घटनास्थल तक पहुंच सकेगी।
राहत और बचाव कार्यों में आएगी तेजी
ऑनलाइन अलर्ट सिस्टम से राहत और बचाव कार्यों में तेजी आएगी। गंभीर मामलों में समय पर इलाज मिलने से जान बचने की संभावना भी बढ़ेगी। राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर कैशलेस इलाज स्कीम और संबंधित कमेटी से ऑनलाइन कनेक्ट हो चुके हैं, जिससे प्रशासनिक समन्वय और मजबूत होगा।
केंद्र को दी गई नई योजना की जानकारी
दिल्ली में आयोजित परिवहन मंत्रियों की बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को Cashless Road Accident Treatment Scheme की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल से घायलों को बिना किसी परेशानी के तुरंत इलाज मिल सकेगा और कोई भी व्यक्ति घायल को अस्पताल पहुंचा सकता है।
अस्पतालों को जोड़ने की जिम्मेदारी
हालांकि, अभी सभी बड़े और ट्रामा यूनिट वाले निजी अस्पताल योजना से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। इन्हें जोड़ने की जिम्मेदारी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMO) को सौंपी गई है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार, कलेक्टरों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिससे योजना का लाभ जल्द जमीन पर दिखेगा।