

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Chhattisgarh: 'Samadhaan Yojana' will provide relief to inactive electricity consumers, 10 to 15 percent incentive will be given on paying outstanding bills.
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने लंबे समय से निष्क्रिय श्रेणी में शामिल बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई ‘समाधान योजना’ लागू की है। इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने वर्षों पुराने बिजली बिल बकाया का भुगतान कर सकेंगे और इसके बाद उन्हें दोबारा नया बिजली कनेक्शन लेने की सुविधा भी मिल सकेगी।
पौने तीन लाख से अधिक निष्क्रिय उपभोक्ता, 175 करोड़ रुपये बकाया
पॉवर कंपनी के अनुसार प्रदेश में करीब 2 लाख 76 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जो निष्क्रिय श्रेणी में हैं और जिन पर कुल **175 करोड़ रुपये से अधिक** का बिजली बिल बकाया है। बिल जमा नहीं करने के कारण इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन पहले काट दिए गए और बाद में मीटर भी निकाल लिए गए थे।
डीआरए के तहत होती है कार्रवाई
डीआरए (ड्यूज रिकवरी एक्ट) के तहत पहले उपभोक्ता को नोटिस दिया जाता है, फिर कनेक्शन काटा जाता है और भुगतान नहीं होने पर मीटर हटा लिया जाता है। कई मामलों में उपभोक्ता की मृत्यु हो चुकी है या संपत्ति बिक चुकी है, जिसके कारण नए मालिक को भी तब तक नया कनेक्शन नहीं मिलता जब तक पुराना बकाया चुकाया न जाए।
मीटर रीडर करेंगे बकाया वसूली में मदद
इस योजना के तहत अधिकृत मीटर रीडर निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क कर बकाया राशि जमा कराने में सहयोग करेंगे। इसके बदले उन्हें वसूली गई राशि का 10 से 15 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप दिया जाएगा।
15 तारीख के बाद संपर्क करेंगे मीटर रीडर
मीटर रीडर अपने नियमित कार्य पूरा करने के बाद हर महीने की 15 तारीख से निष्क्रिय उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। यदि किसी बिल में त्रुटि पाई जाती है तो दस्तावेजों के आधार पर सुधार की प्रक्रिया में भी सहायता दी जाएगी।
भुगतान प्रक्रिया होगी पारदर्शी
बकाया जमा होने पर उसकी एंट्री सिस्टम में होगी और कार्यपालन अभियंता द्वारा सत्यापन के बाद मीटर रीडर को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक भुगतान के साथ सीआरए नंबर और तारीख दर्ज करना अनिवार्य होगा।
परिचय पत्र रखना होगा अनिवार्य
इस योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले मीटर रीडरों के लिए विभाग द्वारा जारी परिचय पत्र रखना अनिवार्य किया गया है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की असुविधा या भ्रम न हो।