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Secret of 10 lakh loot revealed from 10 rupees beedi, two arrested including MBA mastermind, 7 lakh rupees recovered
रायपुर। राजधानी रायपुर के डंगनिया इलाके में गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात के मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से 7 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। हालांकि मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का सुराग मात्र 10 रुपये की बीड़ी से मिला। एक आरोपी ने वारदात के दौरान पान ठेले से बीड़ी खरीदकर ऑनलाइन भुगतान किया था। यही छोटी सी गलती पुलिस के लिए बड़ा सबूत बन गई और जांच की दिशा बदल गई।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी गौरव तिवारी कबीर नगर का रहने वाला है और MBA की पढ़ाई कर चुका है। वह अपने पिता के साथ ठेकेदारी का काम करता था, लेकिन आईपीएल सट्टेबाजी में लाखों रुपये गंवा चुका था। इसी वजह से वह भारी कर्ज में डूब गया था। सट्टेबाजी के एक मामले में वह पहले जेल भी जा चुका था।कर्ज के दबाव से परेशान गौरव ने अपने साथी आशीष पांडेय और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। उसे समता कॉलोनी स्थित एक कारोबारी कार्यालय में होने वाले बड़े नकद लेनदेन की जानकारी थी, जिसके आधार पर उसने वारदात की योजना बनाई।
आरोपियों ने लगातार तीन दिनों तक इलाके की रेकी की। घटना वाले दिन सभी आरोपी कार्यालय के बाहर निगरानी करते रहे। जैसे ही गैस एजेंसी के मैनेजर सुनील साहू नकदी से भरा बैग लेकर निकले, बदमाशों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। डंगनिया पहुंचते ही मौका देखकर बैग झपट लिया और फरार हो गए।बाद में आरोपी कबीर नगर पहुंचे, जहां लूटी गई रकम का आपस में बंटवारा किया गया। इसके बाद कुछ आरोपी उत्तर प्रदेश भाग गए, जबकि गौरव रायपुर में रहकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता रहा।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गौरव को शक था कि संबंधित कार्यालय में हवाला कारोबार से जुड़ा पैसा आता-जाता है। उसे लगा कि ऐसी स्थिति में पीड़ित पक्ष पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराएगा और वह आसानी से बच निकलेगा। इसी सोच के साथ उसने अपने साथियों के साथ लूट की पूरी योजना तैयार की थी।
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल से लेकर कार्यालय तक के सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक पान ठेले पर हुई 10 रुपये की ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जांच के दायरे में आई। मोबाइल नंबर की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और फिर पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।पुलिस का कहना है कि फरार तीनों आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।