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Smriti Irani’s visit to Chhattisgarh stirs political activity; a report card on ministers’ performance is being prepared.
रायपुर। भाजपा की नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी नियुक्ति के 32 दिन बाद 25 अक्टूबर को राज्य के दौरे पर आ रही हैं। उनके आगमन से पहले प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल दिल्ली से ऐसे किसी बदलाव के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। दूसरी ओर, पार्टी स्तर पर सभी मंत्रियों के कामकाज का आकलन करने की तैयारी चल रही है।जानकारी के मुताबिक, एक एजेंसी के जरिए मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया जा रहा है। इसमें अब तक की उपलब्धियों, विभागों में चल रहे मामलों, विवादों और कामकाज की कमियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। माना जा रहा है कि स्मृति ईरानी अपने दौरे के दौरान इस रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगी।
प्रदेश प्रभारी के दौरे के लिए तैयार की गई शुरुआती रूपरेखा के अनुसार, स्मृति ईरानी सबसे पहले सांसदों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद विधायकों और फिर मंत्रियों के साथ बैठक होगी। मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत करने की संभावना भी जताई जा रही है। इसके अलावा निगम-मंडलों के अध्यक्षों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।उनके साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी छत्तीसगढ़ आएंगे। दो दिवसीय दौरे के दौरान संगठन से जुड़ी कई बैठकें होने की संभावना है। स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाए गए एक महीने के सेवा संकल्प कार्यक्रम की भी समीक्षा करेंगी।
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार या बदलाव को लेकर अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही हैं। हालांकि, पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, तत्काल फेरबदल की कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है। कुछ चर्चाओं में 2027 में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के बाद पार्टी का ध्यान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर केंद्रित हो सकता है। चुनावी जिम्मेदारियों और नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर संगठन में भी बदलाव किए जा सकते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ में किसी निर्णय से पहले प्रदेश प्रभारी की समीक्षा को अहम माना जा रहा है।
भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के कामकाज से पार्टी नेतृत्व के संतुष्ट होने की बात कही जा रही है। तबीयत खराब रहने के बावजूद सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संचालित करने से संगठन में उनकी स्थिति मजबूत होने की चर्चा है।हालांकि, आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर नेतृत्व में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में एक मंत्री को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चा है। यदि ऐसा होता है, तो मंत्रिमंडल में सीमित फेरबदल की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल इन संभावनाओं पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी के रूप में लंबे समय से नियमित दौरे नहीं होने के बीच स्मृति ईरानी का आगमन संगठन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति, सरकार के कामकाज और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर उनकी बैठकों पर सबकी नजर रहेगी। मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद ही किसी संभावित बदलाव को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भाजपा संगठन ने स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 अक्टूबर को रायपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से मोटरसाइकिल रैली निकालकर दोनों नेताओं का स्वागत किया जाएगा।इस सिलसिले में गुरुवार को भाजयुमो रायपुर शहर जिला के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और महामंत्रियों की बैठक हुई। इसमें स्वागत कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के साथ अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।वहीं, बुधवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में रायपुर शहर भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह शामिल हुए। स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज हो गई हैं और अब सबकी नजर उनकी बैठकों तथा समीक्षा के नतीजों पर टिकी है।