

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Parliament Budget Session: The 9th day of the Budget Session ended in uproar in the Lok Sabha, with proceedings lasting only 13 minutes.
नई दिल्ली। बजट सत्र के आज नौवें दिन लोकसभा की कार्यवाही भारी हंगामे के चलते मात्र 13 मिनट में ही स्थगित कर दी गई। विपक्ष लगातार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर देने की मांग करता रहा। इसी मुद्दे पर सदन में तीखी नोकझोंक और नारेबाजी देखने को मिली।
राहुल गांधी बोले- स्पीकर ने दिया था भरोसा
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि, एक घंटे पहले वे स्पीकर के पास गए थे, जहां उन्हें यह भरोसा दिया गया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने का मौका मिलेगा। राहुल गांधी ने आसन से सवाल करते हुए कहा कि “आप मुझे बोलने देंगी या नहीं?” हालांकि, पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने जवाब दिया कि राहुल गांधी की ओर से किसी विषय पर नोटिस नहीं दिया गया है।
विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही स्थगित
जैसे ही दोपहर 3 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने “राहुल गांधी को बोलने दो” के नारे लगाने शुरू कर दिए। बढ़ते हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
किरेन रिजिजू का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्पीकर ने गतिरोध खत्म करने की कोशिश की थी और राहुल गांधी का दावा पूरी तरह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों के तहत बिना नोटिस के बोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
प्रियंका गांधी का हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि स्पीकर पर इतना दबाव है कि उन्हें खुद सफाई देनी पड़ रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदन में आने की हिम्मत नहीं हुई, इसलिए स्पीकर से बयान दिलवाया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला सांसदों का अपमान किया गया है।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी और 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
पहले भी दो बार स्थगित हुई कार्यवाही
इससे पहले सोमवार को विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित की जा चुकी थी। दोपहर 2 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी राहुल गांधी ने स्पीकर के वादे का हवाला देते हुए बोलने की अनुमति मांगी, लेकिन नोटिस न होने का हवाला देकर इसे अस्वीकार कर दिया गया।