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The doors of Badrinath Dham opened, and the Char Dham Yatra began in the presence of 16,000 devotees.
चमोली। उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सेना के गढ़वाल स्काउट बैंड की मधुर धुनों और जयघोष के बीच सुबह 6:15 बजे कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्ति में डूब गया। इस अवसर पर करीब 16 हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।
कपाट खुलने के बाद पहली महाभिषेक पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। इस पूजा के यजमान पुष्कर सिंह धामी रहे। पूजा के बाद देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया तड़के 4:30 बजे शुरू हुई। भगवान के प्रतिनिधि उद्धवजी और देवताओं के खजांची कुबेरजी मंदिर पहुंचे। इसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान बदरी विशाल को गर्भगृह में विराजमान किया। सुबह 5:30 बजे द्वार पूजा के बाद तय मुहूर्त में कपाट खोल दिए गए।
पूरे धाम को लगभग 25 क्विंटल फूलों से सजाया गया था, जिससे मंदिर की भव्यता और भी बढ़ गई। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं में दर्शन के लिए भारी उत्साह देखने को मिला।
इससे पहले केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को और गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 19 अप्रैल को खोले जा चुके हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने पूरी रफ्तार पकड़ ली है।
परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम के साथ ही जोशीमठ-नीती हाईवे पर स्थित भविष्य बदरी धाम के कपाट भी खोले गए। धाम में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होंगे।