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दुर्ग। कृषि उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ शहला निगार ने शुक्रवार को दुर्ग जिले में संभागीय समीक्षा बैठक लेकर रबी वर्ष 2026 की समीक्षा और खरीफ 2026 के कार्यक्रम निर्धारण पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कृषि संचालक राहुल देव, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव, कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा सहित कृषि, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने बताया कि बैठक में रबी सीजन की प्रगति और खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद और बीज की उपलब्धता, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि अप्रैल माह में प्रदेशभर में करीब 600 निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान 150 से अधिक कालाबाजारी के मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर और उनकी टीम लगातार सक्रिय रहकर निगरानी तंत्र को मजबूत बना रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शहला निगार ने कहा कि फिलहाल प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब ढाई लाख मीट्रिक टन अधिक उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों के साथ आगामी सीजन की शेष तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने यह भी बताया कि DAP के विकल्प के रूप में NPK और SSP उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही किसानों को हरी खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और बायो फर्टिलाइजर के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर हो सके।