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The road reached the village doorstep... but the river blocked the way... children's lives at risk amidst the surging current.
बड़गांव। कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल विकासखंड के सोनपाल गांव में विकास कार्यों की तस्वीर अधूरी नजर आ रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नदी के दोनों किनारों तक पक्की सड़क तो बना दी गई, लेकिन कोरकसा नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों की मुश्किल बरकरार है। बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं, जब स्कूली बच्चों को अभिभावकों की पीठ पर बैठकर उफनती नदी पार करनी पड़ती है।
कोरकसा नदी के दोनों ओर करीब 2.30 किलोमीटर लंबी पक्की डामर सड़क तैयार हो चुकी है। इस सड़क पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद नदी के बीच पुल नहीं बनने से सोनपाल गांव तक सीधा और सुरक्षित आवागमन संभव नहीं हो सका है।ग्रामीणों के अनुसार पुल बन जाने पर सोनपाल तक पहुंचने की दूरी कम होगी और बरसात के दिनों में रास्ता बंद होने जैसी स्थिति से राहत मिलेगी।
सोनपाल पहुंचने के लिए ग्रामीणों के पास फिलहाल दो विकल्प हैं। एक मार्ग से हामतवाही होकर जाना पड़ता है, जिससे करीब एक किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी होती है। दूसरा रास्ता कोरकसा नदी के पार से जाता है, लेकिन यहां पुल का निर्माण नहीं होने के कारण बारिश में यह मार्ग जोखिम भरा हो जाता है।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर बच्चों को सुरक्षित तरीके से दूसरी ओर पहुंचाने के लिए अभिभावकों को उन्हें अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार करानी पड़ती है।
सेतु विभाग के उप अभियंता महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि कोरकसा नदी पर प्रस्तावित पुल को चालू वर्ष के बजट में शामिल किया गया है। निर्माण के लिए स्वीकृति मिलने का इंतजार है।ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और पुल का निर्माण शुरू होने के बाद गांव के लोगों तथा स्कूली बच्चों को बारिश के मौसम में जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिलेगी।