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Three plans were hatched to kill Ketan.
महाराष्ट्र के पुणे में मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में लोनावला रूरल पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस हिरासत में आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने कबूला है कि उन्होंने करोड़ों की प्रॉपर्टी के मालिक केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक नहीं, बल्कि तीन खौफनाक प्लान तैयार किए थे। चेतन हर हाल में केतन का मर्डर करना चाहता था, क्योंकि इसी साल नवंबर में सिया और केतन की शादी होने वाली थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया गोयल और केतन अग्रवाल 31 मई को पहली बार लोहगढ़ किला घूमने गए थे। वहां केतन एक दीवार के सबसे किनारे और ढलान वाले छोर पर बैठा हुआ था। केतन को उस ढलान पर देखकर ही सिया के दिमाग में पहली बार उसे धक्का देकर 400 फीट गहरी खाई में गिराने का खौफनाक विचार आया। इसके बाद सिया ने पुणे के एक कैफे में अपने प्रेमी चेतन से मुलाकात की और दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रच डाली। दोनों ने बकायदा किले की रेकी की और 'डेथ पॉइंट' भी चिन्हित कर लिया था।
एक के बाद एक... ऐसे बनाए थे मौत के 3 प्लान
प्लान ए (14 जून): साजिश के तहत सिया 14 जून को केतन को दोबारा लोहगढ़ किले के उसी चिन्हित 'डेथ पॉइंट' पर ले गई। वहां उसने केतन को धक्का भी दे दिया, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन ने वहां मौजूद झाड़ियां पकड़ लीं और उसकी जान बच गई। खुद को फंसता देख शातिर सिया ने तुरंत पासा पलटा और सांप देखकर घबराने का बहाना बना दिया।
प्लान बी (18 जून): प्लान 'ए' फेल होने के बाद आरोपियों ने 18 जून को दूसरा प्लान अमल में लाने की तैयारी की थी।
बैकअप प्लान (20 जून के बाद): आरोपियों ने तय कर रखा था कि अगर केतन प्लान 'बी' से भी बच जाता है, तो 20 जून के बाद उसे सड़क हादसे (रोड एक्सीडेंट) में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
बर्थडे के लिए बुक थे 5-स्टार होटल में 17 कमरे, सिया ने जाने से किया इनकार
जांच में सामने आया है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन था। केतन के पिता और महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल इस दिन को बेहद खास और यादगार बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने महाबलेश्वर के एक फाइव स्टार (5-सितारा) होटल में पूरे 17 कमरे बुक करा दिए थे। लेकिन सिया इस ट्रिप पर नहीं जाना चाहती थी। उसने बड़ी चालाकी से केतन को महाबलेश्वर जाने से मना कर दिया और उसे किला चलने के लिए राजी कर लिया, ताकि वह अपने मर्डर प्लान को अंजाम दे सके।
दादा का छलका दर्द: “35 साल पुराना रिश्ता था, आंख मूंदकर भरोसा किया”
इस दर्दनाक धोखे से केतन का परिवार पूरी तरह टूट चुका है। केतन के दादा रामविलास अग्रवाल ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि सिया के परिवार से उनके पिछले 35 सालों से पुराने संबंध हैं। उन्होंने कहा, “हम उन पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे। हमें जरा भी भनक नहीं थी कि जिसे हम अपने घर की बहू बनाने जा रहे थे, वही हमारे बच्चे की जान ले लेगी।” फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर मामले की आगे की कड़ाई से जांच कर रही है।