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Two company directors arrested for disposing of scrap stolen from BSP... 21 accused in police custody so far.
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से चोरी किए गए करीब 250 टन लौह स्क्रैप को निजी कंपनी में खपाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। पुरानी भिलाई पुलिस ने रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड, रसमड़ा के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों की भूमिका चोरी के स्क्रैप को कंपनी में खपाने से जुड़ी पाई गई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, बीएसपी से चोरी किया गया लौह स्क्रैप ट्रांसपोर्टर संजय सिंह के जरिए अकलोरडीह स्थित एक गोदाम में पहुंचाया जाता था। इसके बाद इसी स्क्रैप को रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में खपाए जाने की बात जांच में सामने आई है।पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर कंपनी के दोनों निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मामले की शुरुआत 26 मई को अकलोरडीह खदान पारा स्थित एके ट्रेडर्स से भारी मात्रा में लौह स्क्रैप बरामद होने के बाद हुई थी। पुलिस ने जब बरामद स्क्रैप की कड़ियां जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई तो चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आने लगी।जांच में पुलिस ने अलग-अलग आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। इसके बाद मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हुआ और अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार किए गए विनोद कुमार गर्ग की उम्र 60 वर्ष है और वे रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के निवासी बताए गए हैं। वहीं 39 वर्षीय संदीप कुमार सिंह भिलाई के स्मृति नगर क्षेत्र स्थित एसबीआई कॉलोनी के निवासी हैं।पुलिस के अनुसार दोनों पर चोरी किए गए लौह स्क्रैप को रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में खपाने से जुड़े होने का आरोप है। मामले में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इस मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय सिंह, उसके बेटे अभय सिंह, भाजपा नेता भास्कर मुदलियार, व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल और बीएसपी के जीएम हिमांशु भूषण मलिक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कुछ आरोपियों को बाद में जमानत मिल चुकी है।पुलिस इस प्रकरण में न्यायालय के समक्ष चालान भी पेश कर चुकी है। मामले में बीएसपी के तीन अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। इनमें जीएम हिमांशु भूषण मलिक, नान एग्जीक्युटिव धनंजय वर्मा और मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं।
दो उद्योगपतियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में चोरी के स्क्रैप की खरीद, परिवहन और खपत से जुड़ी कड़ियों पर और जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।