

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CG News: Two pastors arrested over conversion allegations in Manth village; Christian community protests at the police station.
रायपुर। रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मांठ में धर्मांतरण से जुड़े एक मामले में पुलिस ने दो पास्टर को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी, अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके ने खरोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उनके सहयोगी पीयूष पटेल गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आकर लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही थी।
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपियों को कई बार समझाइश दी गई थी कि वे गांव में इस प्रकार की गतिविधियां न करें और किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव न डालें। इसके बावजूद वे लगातार गांव में आते रहे तथा लोगों को प्रार्थना सभाओं में शामिल होने और ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए प्रेरित करते रहे।
शिकायत के मुताबिक 24 जून की शाम करीब 7 बजे सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने की बात कही। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद की स्थिति बन गई।
इसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मोहल्ले के एक घर में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
पुलिस ने शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा और आगे की कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को विधानसभा थाना लाया गया है।
पुलिस ने सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 302, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया है।
दोनों पास्टर की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग विधानसभा थाना पहुंचे और कार्रवाई का विरोध जताया। उनका कहना है कि गिरफ्तारी गलत आरोपों के आधार पर की गई है तथा मामले की निष्पक्ष और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।