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US-Iran standoff: Trump's threat and international turmoil over Hormuz
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर आवश्यक हुआ तो वे बमबारी के जरिए उसे पाषाण युग में भेज देंगे। यह बयान अमेरिका द्वारा ईरान की सेना और नौसेना पर 28 फरवरी को शुरू किए गए ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के बाद आया। ट्रम्प ने अपने राष्ट्र संबोधन में दावा किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और वह कभी परमाणु क्षमता हासिल नहीं कर पाएगा।
ईरान का कड़ा जवाब
ईरान ने ट्रम्प की धमकी को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि अमेरिका की कल्पना में हमारी ताकत नहीं समा सकती। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर सैयद मोसवी ने कहा कि छह हजार साल पुरानी ईरानी संस्कृति और सैन्य क्षमता 250 साल पुराने अमेरिका से कई गुना मजबूत है।
होर्मुज स्ट्रेट पर नया मोड़
ईरान की कड़ी नीतियों के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति होर्मुज स्ट्रेट पर अपने प्रयासों में विफल रहे। ईरानी नाकाबंदी को खुलवाने में असमर्थता जताते हुए ट्रम्प ने कहा कि जिन देशों का तेल इस मार्ग से गुजरता है, वे इसकी चिंता करें। इसके बाद ब्रिटेन ने होर्मुज मुद्दे की कमान संभाली और प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 35 देशों को लंदन में बैठक के लिए बुलाया, जिसमें भारत भी शामिल होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि भारत ईरान से संपर्क में है और 28 फरवरी के बाद होर्मुज से छह एलपीजी और एलएनजी टैंकर गुजर चुके हैं।
होर्मुज टैक्स और अंतरराष्ट्रीय वैधता
ईरान की संसद ने होर्मुज टैक्स कानून को मंजूरी दी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुसार, जमीन से 22 किलोमीटर तक किसी देश की संप्रभुता होती है। होर्मुज ईरानी भूमि से पांच किलोमीटर दूर है। अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम काउंसिल, डब्ल्यूटीओ और आईएमएफ के जरिए इस टैक्स की वैधता स्थापित की जाएगी। ईरान इसे अपना प्राकृतिक संसाधन मानते हुए रोजाना 2500 करोड़ रुपये की आमदनी कर सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ब्रिटेन ने साफ किया कि ईरान-अमेरिका संघर्ष उनका युद्ध नहीं है। फ्रांस, चीन और भारत ने ब्रिटेन की पहल का समर्थन किया। खाड़ी देश यूएई, ओमान और बहरीन ने भी इस पहल का समर्थन किया क्योंकि उनका तेल होर्मुज से गुजरता है।
भारत की राहत पहल
भारत ने इसी बीच 40 पेट्रोकेमिकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म करने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय 30 जून तक लागू रहेगा और फार्मा, ऑटो, प्लास्टिक, पैकेजिंग और टेक्सटाइल सेक्टर को लाभ पहुंचाएगा। आम उपभोक्ताओं को शैंपू, दवाई और प्लास्टिक उत्पादों पर महंगाई से राहत मिलेगी। इस छूट से सरकार को लगभग 1800 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। भारत में पर्याप्त क्रूड ऑयल स्टॉक भी मौजूद है।
तेहरान में हमले की खबर
इजराइल ने तेहरान में ईरानी सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के सलाहकार कमाल खराजी के घर पर हमला किया। खराजी गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी पत्नी की मौत हो गई। इस हमले में तेहरान के कराज शहर से जुड़ा एक प्रमुख पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ। इजराइल ने 24 घंटों में हिजबुल्लाह के 40 से अधिक लड़ाकों को भी मार गिराया।