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Uproar in the Assembly over PDS: Allegations of spices being sold at ration shops; government orders an inquiry.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), राशन दुकानों के संचालन और नए धान खरीदी केंद्रों का मुद्दा सदन में प्रमुखता से गूंजा। भाजपा विधायकों ने राशन दुकानों में कथित अनियमितताओं और किसानों की सुविधाओं से जुड़े सवाल उठाए, जिस पर सरकार ने जवाब देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि राशन दुकानों में महिला स्व-सहायता समूहों पर दबाव बनाकर मसालों की बिक्री कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास दस्तावेज मौजूद हैं और मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई जा रही है।
जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी व्यवस्था की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विधायक संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं, तो सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी।
विधायक सुशांत शुक्ला ने अप्रैल 2025 तक के बचत स्टॉक के सत्यापन, राशन दुकानों के रखरखाव और वहां उपलब्ध कराई जा रही सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए।
खाद्य मंत्री ने बताया कि राशन दुकानों का हर 15 दिन में भौतिक सत्यापन किया जाता है। यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राशन दुकानों के माध्यम से चावल और शक्कर का वितरण किया जा रहा है, जबकि बस्तर संभाग में चना भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रश्नकाल के दौरान केशकाल से भाजपा विधायक नीलकंठ टेकाम ने किसानों की सुविधा के लिए अपने क्षेत्र में नए धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग उठाई।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि विभाग को कुल 13 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से एक प्रस्ताव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है, जबकि शेष 12 प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पात्र प्रस्तावों पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर निर्णय लिया जाएगा।