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MP News: Uproar over distribution of substandard tricycles in Guna, Scindia reprimands officials, orders investigation
गुना। गुना में दिव्यांगजनों को वितरित की गई ट्राइसिकल की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों वितरित एक ट्राइसिकल कुछ ही दूरी चलने के बाद खराब हो गई, जिससे लाभार्थी हादसे का शिकार होते-होते बचा।
आधा किलोमीटर में ही टेढ़ी हो गई रिम
दिव्यांग रामरतन ओझा को दी गई ट्राइसिकल का एक पहिया करीब आधा किलोमीटर चलने के बाद ही टेढ़ा हो गया। अचानक आई खराबी से वे गिरते-गिरते बचे, जिससे वितरण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए।
सिंधिया ने लिया तत्काल संज्ञान
मामले की जानकारी मिलते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। उनके निर्देश पर रामरतन ओझा के घर तुरंत नई ट्राइसिकल पहुंचाई गई। साथ ही भाजपा के मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव को प्रतिनिधि के तौर पर उनके घर भेजा गया।
करीब 2000 दिव्यांगों को बांटे गए उपकरण
जानकारी के अनुसार, सिंधिया के चार दिवसीय दौरे के दौरान लगभग 2000 दिव्यांगजनों को करीब 9000 सहायक उपकरण और ट्राइसिकल वितरित किए गए थे। ऐसे में एक मामले के सामने आने के बाद पूरे वितरण पर सवाल उठने लगे हैं।
जांच के आदेश, कंपनी को नोटिस
गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सामाजिक न्याय विभाग को जांच सौंपते हुए उपकरण निर्माता कंपनी Artificial Limbs Manufacturing Corporation of India (ALIMCO) को भी पत्र लिखा गया है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं: चेतावनी
सिंधिया ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी में है।