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Venus spotted near the Moon; a spectacular celestial sight witnessed in the sky.
बिलासपुर। सोमवार की शाम आसमान में एक खूबसूरत खगोलीय दृश्य देखने को मिला। पश्चिमी आकाश में चमकता शुक्र ग्रह चंद्रमा के बेहद करीब नजर आया। सूर्यास्त के बाद खुले आसमान में दोनों खगोलीय पिंडों की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। चंद्रमा और शुक्र की यह नजदीकी करीब साढ़े छह बजे के बाद धीरे धीरे स्पष्ट हुई।
पश्चिमी क्षितिज की ओर नजर डालने पर पतले अर्धचंद्र के साथ चमकता शुक्र साफ दिखाई दे रहा था। दोनों के बीच वास्तविक दूरी करोड़ों किलोमीटर होने के बावजूद पृथ्वी से देखने पर वे एक दूसरे के काफी पास नजर आए।भौतिकी एवं खगोल भौतिकी विभाग, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के एमएससी प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार चक्रवर्ती के अनुसार चंद्रमा और शुक्र की यह नजदीकी केवल देखने में है। दोनों के बीच वास्तविक दूरी बहुत अधिक है।
चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए आकाश में अपनी स्थिति लगातार बदलता रहता है। इसी वजह से अलग अलग दिनों में चंद्रमा के आसपास अलग खगोलीय पिंड नजर आ सकते हैं। शुक्ल पक्ष के दौरान चंद्रमा की स्थिति में रोज बदलाव होता है और इसी क्रम में कभी वह शुक्र जैसे चमकीले ग्रह के करीब दिखाई देता है।शुक्र सूर्य और पृथ्वी के बीच अपनी स्थिति के अनुसार अलग अलग समय पर अलग स्थान से दिखाई देता है। पृथ्वी से इसकी दूरी और आकाश में इसकी स्थिति लगातार बदलती रहती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक चंद्रमा की कक्षा का तल अन्य ग्रहों की कक्षा से अलग होने के कारण हर बार सूर्य और चंद्रमा एक सीध में नहीं आते। इसी वजह से ग्रहण जैसी खगोलीय घटना बार बार नहीं होती।जब चंद्रमा किसी ग्रह या अन्य खगोलीय पिंड के अपेक्षाकृत करीब नजर आता है तो पृथ्वी से देखने पर यह दृश्य काफी आकर्षक लगता है। हालांकि यह वास्तविक टकराव या अत्यधिक नजदीकी नहीं होती, बल्कि पृथ्वी से दिखाई देने वाली स्थिति का प्रभाव होता है।
चंद्रमा की लगातार बदलती स्थिति के कारण आने वाले दिनों में भी पश्चिमी आकाश में इसके आसपास अलग अलग खगोलीय पिंड दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे अवसर सामान्य लोगों के लिए भी आकाश और खगोलीय घटनाओं को समझने का अच्छा माध्यम बनते हैं।