

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Chhattisgarh: Villagers protest against construction of church on government land in Jashpur, appeal to collector for a ban(FILE PHOTO)
जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जा और चर्च निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। पत्थलगांव ब्लॉक के रेड़े गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से जमीन का सीमांकन कर अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित होनी चाहिए।
ग्रामीण बोले- एक साल से चल रहा निर्माण, पंचायत में भी उठाई थी आवाज
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण अनिल कुमार, दीपक भगत और मुकेश भगत ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि गांव की सरकारी जमीन पर नाना राम एक्का सहित कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक साल से वहां निर्माण कार्य जारी है। इस मामले को ग्राम सभा में भी उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विवादित जमीन का सीमांकन कराया जाए और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए।
राशन दुकान और सामुदायिक भवन की उठी मांग
ग्रामीणों ने कहा कि रेड़े गांव पंचायत कुकूरर्भूका का आश्रित गांव है, जहां अब तक न तो राशन दुकान है और न ही सामुदायिक भवन।उनका कहना है कि जिस सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया जा रहा है, वह गांव के चौक के पास स्थित है और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।ग्रामीणों ने बताया कि राशन लेने के लिए लोगों को करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे खासकर बारिश के मौसम में भारी परेशानी होती है। इसलिए उस जमीन पर राशन दुकान और सामुदायिक भवन बनाने की मांग की गई है।
प्रशासन ने सीमांकन का दिया आश्वासन
कलेक्टर रोहित व्यास की अनुपस्थिति में एडीएम प्रदीप साहू ने ग्रामीणों से ज्ञापन लिया। उन्होंने विवादित जमीन का सीमांकन कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पंडरिया में पास्टर समेत 200 लोगों की ‘घर वापसी’
इधर कवर्धा जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से भी बड़ा सामाजिक घटनाक्रम सामने आया। वनांचल क्षेत्र के बूचीपारा गांव में आयोजित कार्यक्रम में पास्टर सहित छह गांवों के करीब 200 आदिवासी नागरिकों ने ‘मूल धर्म’ में वापसी की।कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लोगों का स्वागत किया और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें मूल धर्म में शामिल कराया।
इन गांवों के परिवार हुए शामिल
इस आयोजन में छिरहा, पीपरहा, कुल्हीडोंगरी, जामुनपानी, नागाडबरा और नवापारा गांवों के परिवार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान धर्म सभा आयोजित करने वाले पास्टर ने भी मूल धर्म में वापसी की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज प्रमुख और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पंडरिया में अब तक 575 से ज्यादा लोगों की घर वापसी
जानकारी के मुताबिक इससे पहले भी पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में ऐसे आयोजन हो चुके हैं। नेऊर क्षेत्र, कुई-कुकदुर, दमगढ़ और कुल्हीडोंगरी सहित कई इलाकों से सैकड़ों लोग मूल धर्म में लौट चुके हैं।बताया जा रहा है कि अब तक पंडरिया क्षेत्र में 575 से अधिक आदिवासी नागरिक ‘घर वापसी’ कर चुके हैं।