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Weather Update: Cloudbursts in Jammu & Kashmir and Himachal; vehicles buried under debris, several roads closed.
नई दिल्ली। देश के पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं ने हालात गंभीर कर दिए हैं। कई इलाकों में मलबा और चट्टानें सड़कों पर आ गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। वहीं उत्तराखंड में भी भूस्खलन और बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार बाधाएं बनी हुई हैं।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार देर रात बादल फटने के बाद निर्माणाधीन 540 मेगावाट क्वार जल विद्युत परियोजना परिसर में भारी मात्रा में मलबा आ गया। परियोजना स्थल के पास खड़े कई वाहन मलबे में दब गए। वहीं डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी चट्टानें और कीचड़ जमा होने से यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर क्षेत्र की नरेन पंचायत में बादल फटने से पानी और मलबे का तेज बहाव आया, जिससे कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। शिमला में ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च के पास भूस्खलन होने से सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा ढह गया और रिज मैदान का हिस्सा भी धंस गया। कई स्थानों पर मकानों और मंदिरों को भी नुकसान पहुंचा है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर बार-बार भूस्खलन हो रहा है। बागेश्वर में अतिवृष्टि के चलते कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया, जिसके बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल धारचूला से गुंजी के लिए रवाना हुआ।
राज्य में 72 से अधिक संपर्क मार्ग अभी भी अवरुद्ध हैं। भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, सरयू और गोमती समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।