

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Weather changes in Chhattisgarh: Heat in some places, rain and storm expected in others
रायपुर। मई के पहले पखवाड़े के बाद छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में जहां तेज गर्मी पड़ रही है, वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है।
रायपुर में गर्मी और उमस से लोग परेशान
राजधानी रायपुर में मंगलवार को तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। दिनभर तेज धूप के बाद शाम को गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे उमस में भी बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को रायपुर में आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ अंधड़ चल सकता है। अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
दुर्ग रहा सबसे गर्म, अंबिकापुर में सबसे कम तापमान
मंगलवार को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। इस दौरान दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए बन रही अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। सप्ताह के अंत तक मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दाब क्षेत्र
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। अगले 48 घंटों में इसके और अधिक मजबूत होने की संभावना है।
इसके अलावा एक द्रोणिका दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मणिपुर तक पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए लगभग 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज बुधवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। हालांकि अधिकतम तापमान में केवल हल्की वृद्धि की संभावना जताई गई है और मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।