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What to do if the moon is not visible on Karwa Chauth? Learn the correct way to perform the puja at 8:13 PM.
रायपुर। करवा चौथ पर चांद न दिखे तो क्या करें? रात 8:13 बजे पूजा करने का जानें सही तरीकापति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ महिलाएं 29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखेंगी। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर महिलाएं सुबह संकल्प लेकर भगवान गणेश की पूजा करेंगी। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को करवा चौथ की कथा सुनने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ व्रत का पारण किया जाएगा।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर बुधादित्य योग बन रहा है, जबकि शुक्रास्त की स्थिति भी रहेगी। धार्मिक मान्यताओं में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर बनने वाले इस योग को सुहागिन महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। शहर में 20 से अधिक स्थानों पर सामूहिक पूजन के आयोजन भी होंगे। इनमें महिलाएं एकत्र होकर व्रत कथा सुनेंगी और परंपरागत विधि से पूजा करेंगी।
प्रदेश में चक्रवात अर्नब के असर से मौसम प्रभावित रहने की आशंका है। बादल छाए रहने की स्थिति में चंद्रमा के दर्शन करना मुश्किल हो सकता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्करे के मुताबिक, चंद्रमा के उदय का निर्धारित समय रात 8:13 बजे है। यदि उस समय चंद्रमा दिखाई न दे, तो भी महिलाएं इसी समय पूजा और व्रत से जुड़ी अन्य रस्में पूरी कर सकती है।डॉ. होस्करे के अनुसार, ज्योतिषीय मान्यता में चंद्रमा को सार्वभौम ग्रह माना गया है। उसके प्रत्यक्ष दर्शन नहीं होने पर भी पृथ्वी पर उसका प्रभाव बना रहता है।
इस दिन संकष्टी चतुर्थी भी है। ऐसे में महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना के साथ भगवान गणेश की आराधना भी करेंगी। व्रत की परंपरा के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा और छलनी से चंद्र-दर्शन के बाद व्रत खोला जाएगा।