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When therapy intended to build bonds became the cause of distance... Parents raise serious questions in a survey.
न्यूयॉर्क। परिवारों में रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए लोग अक्सर थेरेपी का सहारा लेते हैं, लेकिन अब एक सर्वे ने इस पर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में बड़ी संख्या में माता-पिता ने दावा किया कि थेरेपी की प्रक्रिया ने उनके और बच्चों के बीच दूरी बढ़ाने में भूमिका निभाई।
अमेरिका में करीब 7 हजार माता-पिता पर किए गए सर्वे में लगभग एक-तिहाई लोगों ने कहा कि उनके वयस्क बच्चों से रिश्ते खराब होने की एक वजह थेरेपी भी रही।इन माता-पिता का कहना है कि कुछ मामलों में थेरेपिस्ट की सलाह या दृष्टिकोण से बच्चों ने परिवार से दूरी बनानी शुरू कर दी या पूरी तरह संबंध खत्म कर लिए।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के थेरेपिस्ट और प्रोफेसर एमेरिटस विलियम डोहर्टी का कहना है कि आज के समय में हर भावनात्मक परेशानी को ट्रॉमा के रूप में देखने का चलन बढ़ रहा है।उनके अनुसार, कई बार लोग रिश्तों में आने वाली सामान्य कठिनाइयों का समाधान बातचीत और समझ से निकालने के बजाय दूरी बनाने को बेहतर विकल्प मानने लगते हैं।
विलियम डोहर्टी का कहना है कि माता-पिता या किसी करीबी व्यक्ति से संबंध तोड़ना बेहद गंभीर और मजबूरी वाला फैसला होना चाहिए। इसे थेरेपी में सामान्य सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।विशेषज्ञों के मुताबिक, थेरेपी का उद्देश्य रिश्तों को समझना, संवाद बेहतर करना और भावनात्मक समस्याओं को सुलझाना होना चाहिए। हालांकि, हर मामले में परिस्थितियां अलग होती हैं और कुछ रिश्तों में दूरी बनाना भी जरूरी हो सकता है।