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Winds of change in the BJP; the significance of Deepak Mahaske's appointment and Amit Malviya's ouster.
नई दिल्ली। भाजपा के नये अध्यक्ष नवीन नितिन की नई टीम की घोषणा हो गयी है । टीम में सबसे चौंकाने वाला परिवर्तन पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय की छुट्टी है। साथ ही मूलतः रसायन शास्त्र के प्रोफेसर ओर आरएसएस पृष्ठभूमि वाले दीपक महस्के की नियुक्ति के मायने खोजे जा रहे है।
भाजपा की आईटी सेल को मजबूती प्रदान करने में बेशक अमित मालवीय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन लगातार ट्रोल बेस कल्चर ने भाजपा को वस्तुस्थिति का समाधान देने के बजाय व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वालों को ट्रोल आर्मी के ज़रिए लज्जित और अपमानित करने का जो काम किया था उसकी परिणति जेन जी आंदोलन के रुप में सामने आयी । आंदोलन की पृष्ठभूमि और तौर तरीक़ों का विश्लेषण अलग से किया जा सकता है लेकिन इस आंदोलन का सबसे बड़ा सबक यह है कि हमेशा ज्ञान देना और एक ही राग अलापना नुक़सान देह हो सकता है।
अमित मालवीय विगत तीन लोकसभा चुनावों में से दो में तो कारगर साबित हुए लेकिन पिछले 2024 के चुनाव से भाजपा की सोशल मीडिया की ताक़त में कमजोरी और कांग्रेस की सोशल मीडिया की ताक़त में इज़ाफ़ा साफ़ दिखाई देने लगा था।
चाणक्य में कहा था कि लगातार एक ही दुश्मन से लड़ते-लड़ते आप उसे मज़बूत कर देते हैं और वो आपके तौर तरीक़ों और रणनीति को बखूबी पहचान जाता है। यही भाजपा की आईटी सेल का हाल हुआ । लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमलों ने उन्हें मजबूती प्रदान की।
आईटी सेल का सबसे असफल पहलू तब सामने आया जब प्रधानमंत्री मोदी को खुद आधी रात को रील बनाना पड़ी। उस रात को ही समझ में आ चुका था कि सरकार और भाजपा की मशीनरी फेल हो चुकी है। उस रात से अमित मालवीय की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी थी। वैसे भी पिछले कुछ वर्षों से अमित मालवीय अन्य अन्य विवादास्पद कारणों से लगातार चर्चा में बने हुए थे। पार्टी को सोशल मीडिया से मजबूती देने के बजाय बोझ बनते जा रहे थे। एक व्यक्ति का लगातार एक पद पर वर्षों तक क़ाबिज़ होना मोनोटोनी पैदा करता है। नये प्रयोगों और नवाचारों का स्थान ख़त्म हो जाता है । गुटबाज़ी का जन्म होता है। ऐसे में मालवीय की छुट्टी पार्टी के लिए हितकारी ही सिद्ध होगी ।
अब बात करते हैं दीपक महस्के की। छत्तीसगढ़ भाजपा के सहप्रभारी के तौर पर पाँच साल काम करते हुए उन्होंने लो प्रोफ़ाइल रहते हुए सोशल मीडिया का जोश काम करते हुए महस्के को क़रीब से जाना। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार को धराशायी करने के बाद बिहार चुनाव में महस्के को ज़िम्मेदारी दी।

महस्के ने उन्हें बखूबी अंजाम दिया। नितिन नवीन का भरोसा महस्के की टीम ने पश्चिम बंगाल में क़ायम रखा। पिछले दो सालों में तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी को सफलता दिलाने के पीछे जिस सोशल मीडिया टीम ने सबसे अहम भूमिका निभायी वो महस्के की ही टीम थी। स्वभाव से विनम्र और कठोर मेहनती महस्के को दिल्ली ले जाने का फ़ैसला आज की वर्तमान राजनीति परिस्थितियों के लिहाज़ से सबसे उपयुक्त कहा जा सकता है। अब महस्के पर महती ज़िम्मेदारी है कि वर्तमान परिवेश में जेन जी और जेन अल्फ़ा के माध्यम से देशभर में भाजपा के खिलाफ जो माहौल तैयार हो रहा है उसे काउंटर करते हुए नये सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के ज़रिये कैसे पार्टी के पक्ष माहौल तैयार किया जाए ।