

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Women showed talent in Deepshikha program
भिलाई। नगर राजभाषा क्रियान्वयन समिति (नराकास) भिलाई-दुर्ग एवं एनएसपीसीएल भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बालिका सशक्तिकरण मिशन "दीपशिखा" के अंतर्गत महिला विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक दिवसीय इस आयोजन में भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न सरकारी उपक्रमों, बैंकों और संस्थानों से जुड़ी करीब 40 महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बालिका शिक्षा और आत्मनिर्भरता के संदेश को आगे बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के तहत हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता और महिला विषयक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने अपने ज्ञान, भाषाई दक्षता और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में आरती सोनी ने प्रथम, शायस्ता सिद्दीकी ने द्वितीय तथा एस. ईवा बाखला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
मुख्य महाप्रबंधक ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ एनएसपीसीएल भिलाई के मुख्य महाप्रबंधक (व्यापार प्रमुख) नील कुमार शर्मा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की भूमिका समाज और कार्यस्थल दोनों की प्रगति में हमेशा महत्वपूर्ण रही है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, उद्योग, खेल, साहित्य और सामाजिक सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाएं केवल परिवार की आधारशिला नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त भागीदार भी हैं।
नील कुमार शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, अनुभव साझा करने, नई जानकारियां प्राप्त करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही कार्यस्थलों पर समानता, सम्मान और समावेशिता की भावना को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने बताया कि नराकास लंबे समय से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह महिला विशेष कार्यक्रम भी उसी दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
हिंदी के प्रचार-प्रसार में सक्रिय महिलाओं का सम्मान
कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों की उन महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने कार्यस्थल पर राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
महिला प्रतिभागियों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं में समसामयिक और सामाजिक विषयों पर खुलकर विचार रखने का अवसर मिला। इसके अलावा कार्यस्थल पर सुरक्षा, महिलाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं तथा राजभाषा नीति के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
80 बालिकाओं के लिए चल रहे मिशन की सराहना
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण एनएसपीसीएल द्वारा संचालित बालिका सशक्तिकरण मिशन "दीपशिखा" रहा, जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की 80 बालिकाओं को एक माह तक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा गया है।
प्रतिभागियों ने बालिकाओं के साथ अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्हें चुनौतियों का सामना करने, आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
आरती सोनी बोलीं— हिंदी से बढ़ता है आत्मविश्वास
तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली आरती सोनी, जो भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में प्रशासनिक अधिकारी हैं, ने कहा कि एनएसपीसीएल द्वारा 80 बालिकाओं को गांवों से लाकर प्रशिक्षण देना अत्यंत सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि हिंदी प्रश्नोत्तरी और भाषण प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। हिंदी हम सभी की भाषा है, लेकिन कार्यालयीन कार्यों में इसका उपयोग अपेक्षाकृत कम हो पाता है। ऐसे आयोजनों से हिंदी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है और भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहन मिलता है।
आरती ने बालिकाओं को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों तो सफलता अवश्य मिलती है।
शायस्ता सिद्दीकी ने बताया आत्मविश्वास बढ़ाने वाला मंच
द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली शायस्ता सिद्दीकी, जो छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में सहायक प्रबंधक (ऑडिट) हैं, ने कहा कि नराकास के कार्यक्रम हमेशा प्रेरणादायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता प्रतिभागियों की वास्तविक क्षमता को सामने लाती है क्योंकि विषय की पूर्व जानकारी नहीं होती। ऐसे में मंच पर जाकर तुरंत विचार प्रस्तुत करना आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनता है। इससे विभिन्न विभागों के लोगों के साथ विचार साझा करने का अवसर भी मिलता है।
ग्लोरी एस. पारकर ने कहा— जमीनी स्तर से बेटियों को आगे बढ़ाने की अनूठी पहल
सेक्टर-9 अस्पताल के प्रशासनिक विभाग में कार्यरत ग्लोरी एस. पारकर ने कहा कि एनएसपीसीएल द्वारा ग्रामीण पृष्ठभूमि की बालिकाओं को प्रशिक्षण देकर उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि क्विज प्रतियोगिता में सफलता मिलने से उन्हें गर्व महसूस हुआ और ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। भविष्य में भी वे ऐसे आयोजनों से जुड़ना चाहेंगी।
गरिमा ने बताया मंच ने दूर किया स्टेज फियर
सेल बीएसओ से आईं गरिमा ने कहा कि सेल से जुड़ने के बाद यह उनके लिए सबसे बड़े और प्रभावशाली आयोजनों में से एक रहा। उन्होंने पहली बार इस प्रकार की हिंदी क्विज प्रतियोगिता में भाग लिया और इसे बेहद उपयोगी अनुभव बताया।
गरिमा ने कहा कि पहले उन्हें मंच पर बोलने में झिझक महसूस होती थी, लेकिन लगातार ऐसे आयोजनों में भाग लेने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। बड़े मंच पर अपने विचार रखने से अभिव्यक्ति क्षमता का विकास होता है और व्यक्तित्व निखरता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रतिभागियों ने माना कि नराकास भिलाई-दुर्ग जैसे मंच महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने और राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं तथा उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करते हैं।
बालिका सशक्तिकरण, महिला नेतृत्व और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को समर्पित यह आयोजन सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।l