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Young town planners to shape the cities of a future Chhattisgarh; CM Sai hands over appointment letters to 21 newly selected Assistant Directors.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने के लिए नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को नई ताकत मिली है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों (योजना) की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों का विकास केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने नवनियुक्त युवा टाउन प्लानर्स को प्रदेश के भविष्य के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि इस बार एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल नियुक्ति नहीं, बल्कि विभाग की कार्यक्षमता और पेशेवर क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। बढ़ते शहरीकरण के बीच प्रदेश को पर्याप्त तकनीकी एवं मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार हो रहा है और नगरों की सीमाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। प्रमुख सड़कों और शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं।
ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़क, परिवहन, सार्वजनिक स्थलों, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं की दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शा बनाने या भू-उपयोग निर्धारित करने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से है। बेहतर प्लानिंग से शहर व्यवस्थित होते हैं और भविष्य में अनियोजित विस्तार से पैदा होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि शासकीय सेवा जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों के प्रत्येक निर्णय का प्रभाव किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने युवा अधिकारियों से तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने को कहा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
राज्य सरकार ने विकास की दीर्घकालीन दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है। इसका उद्देश्य आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर नागरिक सुविधाओं, युवाओं के लिए अवसर और समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं होगा। इसमें शासन-प्रशासन, युवा वर्ग और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। वहीं बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं हैं। नई औद्योगिक विकास नीति, रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि इस बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता बढ़ेगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

मंत्री चौधरी ने कहा कि अधिकारियों की भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। नागरिक जब नक्शा स्वीकृति या अन्य कार्यों के लिए विभागीय कार्यालय आएं तो उन्हें सरल, संवेदनशील और पारदर्शी व्यवस्था का अनुभव होना चाहिए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने भी नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक और उनके परिजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश और जनता की सेवा करते देखना माता-पिता के लिए गर्व का अवसर है।
सुनियोजित शहरीकरण, आधुनिक टाउन प्लानिंग और पारदर्शी प्रशासन के जरिए छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में 21 युवा अधिकारियों की नियुक्ति को अहम कदम माना जा रहा है।