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नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए केवल तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और बिज़नेस मॉडल के रीसेट की शुरुआत है। जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के ग्रुप सीईओ मैथ्यू ओमेन ने मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (MWC) बार्सिलोना में यह बात कहते हुए ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ का विज़न पेश किया।
ओमेन ने कहा कि दुनिया अब “मिनट्स और बाइट्स” की अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर “टोकन्स और इंटेलिजेंस” के नए दौर में प्रवेश कर रही है। उनके मुताबिक इंडस्ट्रियल एरा प्रोडक्शन पर आधारित था, इंटरनेट एरा ने कनेक्टिविटी और क्लाउड को बढ़ावा दिया, लेकिन AI एरा पूरी आर्थिक व्यवस्था को बदलने वाला है। उन्होंने कहा, “यह कोई अपग्रेड साइकिल नहीं, बल्कि पूरी तरह से एक रीसेट है।”
उन्होंने बताया कि जियो अब खुद को केवल एक नेटवर्क प्रोवाइडर के रूप में नहीं देखता, बल्कि भविष्य के ‘इंटेलिजेंस ग्रिड’ के निर्माता के तौर पर अपनी भूमिका तय कर रहा है। ओमेन के अनुसार, टेलीकॉम सेक्टर की कमाई का मॉडल भी बदल रहा है—पहले वॉयस कॉलिंग ‘मिनट्स’ में गिनी जाती थी, फिर डेटा ‘बाइट्स’ में मापा जाने लगा, और अब AI के दौर में यह ‘टोकन्स’ में बदल जाएगा।
उन्होंने समझाया कि AI टोकन्स का संबंध AI कम्प्यूटेशन, मॉडल इंफरेंस, ऑटोमेटेड डिसीजन और मशीन-टू-मशीन इंटरैक्शन जैसी इंटेलिजेंट सेवाओं से होगा। भविष्य में यही सेवाएं डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई मुद्रा बन सकती हैं।
ओमेन ने यह भी याद दिलाया कि जियो ने भारत में वॉयस कॉलिंग को मुफ्त किया और डेटा की कीमत करीब 9 सेंट प्रति जीबी तक लाकर 52.5 करोड़ से अधिक लोगों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाई। उनका कहना था कि कंपनी का अगला लक्ष्य “सबसे कम लागत पर टोकन-पर-वॉट” उपलब्ध कराना है, यानी कम कीमत पर बड़े पैमाने पर AI आधारित इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
उन्होंने ‘AI कमांड आर्किटेक्चरल फ्रेमवर्क’ का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य का नेटवर्क अलग-अलग टूल्स का मिश्रण नहीं होगा, बल्कि एक एकीकृत और समन्वित आर्किटेक्चर होगा। इसमें AI और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर ऐसे सिस्टम बनाएंगे जो रियल टाइम में सोच सकें, समन्वय कर सकें और निर्णय लेकर कार्रवाई भी कर सकें।
ओमेन के अनुसार, टेक्नोलॉजी में नेतृत्व ही आगे चलकर आर्थिक और राष्ट्रीय नेतृत्व को तय करेगा। ऊर्जा, परिवहन, वित्त और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में इंटेलिजेंस को शामिल करना जरूरी होगा और इसकी बुनियाद मजबूत टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही टिकेगी।
हालांकि उन्होंने माना कि AI के इस बदलाव से कुछ लोगों में चिंता भी हो सकती है, लेकिन इसे “हमारे जीवन का सबसे बड़ा अवसर” बताते हुए उन्होंने कहा कि जो ऑपरेटर्स इस परिवर्तन को अपनाएंगे, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।