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अंबिकापुर। सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पर अंबिकापुर शहर के निकट कल्याणपुर के कोटबहरा और घाघीटिकरा क्षेत्र में एक अकेले हाथी ने 24 घंटे के भीतर दो ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला। लगातार हो रही जनहानि से इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात कोटबहरा गांव में हाथी के हमले में केशव भोय (30) की मौत हो गई। इस दौरान एक महिला सहित तीन अन्य ग्रामीण किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों से हाथियों का दल इस इलाके में घूम रहा है, जिससे किसानों की फसलें भी लगातार बर्बाद हो रही हैं।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर कल्याणपुर चौक में शव रखकर चक्काजाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। करीब आधे घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
इसी बीच गुरुवार दोपहर उसी हाथी ने घाघीटिकरा गांव में खेत से घर लौट रहे सोहन सिंह उर्फ प्रधान (35) पर हमला कर दिया। हाथी ने उसे पटककर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लगातार दूसरी मौत के बाद ग्रामीणों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने दल से बिछड़कर अकेला घूम रहा है और इसी वजह से ज्यादा आक्रामक हो गया है। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है, लेकिन अब तक उसे जंगल की ओर नहीं खदेड़ा जा सका है।
सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने बताया कि ग्रामीणों ने मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की थी। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वन विभाग की ओर से 6 लाख रुपये का मुआवजा 15 दिन के भीतर दिया जाएगा, जबकि 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता तुरंत प्रदान कर दी गई है। साथ ही मृतक की पत्नी को वन समिति में 6 हजार रुपये मासिक मानदेय पर काम देने पर सहमति बनी है।
लगातार दो मौतों के बाद गांवों में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अब वन विभाग से हाथी को जल्द सुरक्षित क्षेत्र में भेजने की मांग कर रहे हैं।