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अंबिकापुर। Balrampur district के झारखंड, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में अंतरराज्यीय अपराध पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। हाल के दिनों में जिले में हुई चार गंभीर घटनाओं ने प्रशासनिक तंत्र की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से झारखंड के संगठित अपराधी गिरोह का हाथ सामने आया है।
जानकारी के अनुसार Kusmi ब्लॉक के त्रिपुरी और खजूरी गांवों में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि जिले के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में, जहां से Jharkhand की ओर पहुंच आसान है, वहां बाहरी अपराधी सक्रिय हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि झारखंड में लगातार निगरानी और छापेमारी के कारण अपराधियों ने बलरामपुर जिले के ऐसे क्षेत्रों को ठिकाना बनाया है, जहां पुलिस और प्रशासन की पहुंच सीमित है।
इसी तरह Sanawal थाना क्षेत्र में स्थित Kanhar River से अवैध रेत उत्खनन रोकने गए एक आरक्षक की हत्या कर दी गई थी। यह नदी Chhattisgarh और झारखंड की सीमा बनाती है। जांच में सामने आया कि इस घटना में झारखंड के रेत तस्कर शामिल थे। बाद में बलरामपुर पुलिस ने झारखंड में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा Ramanujganj में एक आभूषण दुकान में हुई डकैती की घटना में भी झारखंड के संगठित अपराधियों की संलिप्तता सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि इन सभी घटनाओं के स्थान ऐसे हैं, जहां से झारखंड की सीमा तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते अंतरराज्यीय अपराधों को देखते हुए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है।