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रायपुर। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के पांच अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एसडीएम स्तर के अधिकारी (प्रभारी एसडीओ), एक पटवारी, दो बाबू और एक कर्मचारी के खिलाफ संबंधित विशेष अदालतों में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश कर दिए हैं। इन सभी आरोपियों को पहले ACB की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। अब जांच पूरी होने के बाद मामलों को अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिया गया है।
1. जशपुर: बिल भुगतान के लिए मांगे थे 25 हजार रुपये
पहला मामला जशपुर जिले का है। यहां ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) जनपद पंचायत मनोरा के उप अभियंता एवं प्रभारी एसडीओ संजय कुमार दिवाकर के खिलाफ विशेष न्यायालय जशपुर में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
शिकायतकर्ता रितु राम यादव ने ACB को बताया था कि मनरेगा के तहत कराए गए गेबियन संरचना निर्माण कार्य की मूल्यांकन रिपोर्ट का सत्यापन और बिल भुगतान करने के बदले अधिकारी 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत सही पाए जाने पर ACB ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था।
2. जांजगीर-चांपा: चेक जारी करने के बदले मांगी रिश्वत
दूसरा मामला नगर पंचायत नवागढ़ का है। यहां बाबू प्रकाश जायसवाल के खिलाफ विशेष न्यायालय जांजगीर-चांपा में चार्जशीट पेश की गई।
शिकायतकर्ता अब्दुल वहाब ने बताया था कि विकास कार्यों के भुगतान का चेक जारी करने के लिए बाबू ने 16 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोपी पहले 6 हजार रुपये ले चुका था और बाकी 10 हजार रुपये लेते समय ACB ने उसे पकड़ लिया।
3. रायगढ़: नाम सुधार के लिए मांगे 60 हजार रुपये
तीसरा मामला रायगढ़ जिले के तहसील कार्यालय छाल का है। यहां बाबू तुलाराम पटेल के खिलाफ विशेष न्यायालय रायगढ़ में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
शिकायतकर्ता भानु प्रताप पटेल ने बताया था कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार कराने के लिए बाबू 60 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। ACB ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
4. बेमेतरा: जमीन का बंटवारा और ऋण पुस्तिका बनाने के बदले मांगे पैसे
चौथा मामला बेमेतरा जिले का है। ग्राम बोड़ के पटवारी ओंकार प्रसाद सोनवानी के खिलाफ विशेष न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई।
शिकायतकर्ता नरोत्तम साहू ने आरोप लगाया था कि जमीन के बंटवारे (खाता विभाजन) और ऋण पुस्तिका बनाने के लिए पटवारी 15 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। ACB ने उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था।
5. धमतरी: ग्रेच्युटी भुगतान के लिए मांगे एक लाख रुपये
पांचवां मामला धमतरी जिले का है। यहां विद्युत यांत्रिकी अनुभाग गंगरेल में पदस्थ प्रोग्रेसमैन लकेश्वर साहू के खिलाफ विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
शिकायतकर्ता गुमान सिंह ने बताया था कि ग्रेच्युटी की राशि जारी करने के बदले कर्मचारी ने एक लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। ACB ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
अब अदालत में चलेगी सुनवाई
इन पांचों मामलों में ACB ने जांच पूरी करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत संबंधित विशेष अदालतों में अभियोग पत्र पेश कर दिए हैं। अब इन मामलों की सुनवाई अदालत में होगी और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।