

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh-bore-basi-politics-arun-sao-vs-bhupesh-baghel
रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मजदूर दिवस) के अवसर पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खान-पान शैली 'बोरे-बासी' को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेताओं ने श्रमिकों के सम्मान में बोरे-बासी का सेवन किया, वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इसे महज चुनावी और राजनीतिक दिखावा करार दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग स्थित पार्टी कार्यालय 'राजीव भवन' में नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठकर पारंपरिक बोरे-बासी का आनंद लिया। उन्होंने इसकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और श्रमिकों के पसीने का सम्मान बताया। कांग्रेस के अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रदेश भर में इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कांग्रेस के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस केवल दिखावे की राजनीति करने में माहिर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा “बोरे-बासी यहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जिसे लोग विशेषकर गर्मियों में चाव से खाते हैं। इसे एक दिन का इवेंट बनाना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है, जिसे प्रदेश की जनता भली-भांति समझती है।”
साव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के जीवन में वास्तविक खुशहाली और सुरक्षा लाने के लिए ठोस काम किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार प्रदेश के विकास की एक मजबूत नींव तैयार कर रही है, जो केवल प्रतीकों तक सीमित नहीं है।