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chhattisgarh congress attacks bjp over liquor revenue statement
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन के उस बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महतारी वंदन योजना समेत सरकार की कई योजनाएं शराब से प्राप्त राजस्व के जरिए संचालित हो रही हैं। इस बयान को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महिलाओं और परिवारों के हितों के खिलाफ बताया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं शराब से होने वाली कमाई पर निर्भर हैं, तो यह राज्य की आर्थिक नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए बनाई गई योजनाओं का आधार ऐसी आय नहीं हो सकता, जो समाज में शराबखोरी को बढ़ावा दे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब की ओवररेटिंग और अवैध वसूली को संरक्षण प्राप्त है। पार्टी का दावा है कि कई शराब ब्रांडों की बोतलों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जा रही है और नकली होलोग्राम के जरिए अतिरिक्त कमाई का खेल चल रहा है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि जब इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठने लगे तो कुछ अधिकारियों को निलंबित कर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश की गई, जबकि कथित अनियमितताओं के वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि अधिकारी केवल निर्देशों का पालन कर रहे थे, तो फिर निर्णय लेने वाले लोगों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य में संगठित शराब घोटाले की आशंका जताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार पूरी तरह पारदर्शी है, तो उसे स्वतंत्र जांच से परहेज नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस ने हाल के कुछ मामलों का हवाला देते हुए दावा किया कि अलग-अलग जिलों में नकली शराब, संदिग्ध होलोग्राम और अवैध शराब गतिविधियों की घटनाएं सामने आने से पूरे तंत्र पर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने मांग की है कि शराब नीति, कथित ओवररेटिंग और अवैध वसूली से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।