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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी टेंडरों में फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू हो गया है। ताजा मामला शराब दुकानों के लिए खरीदे जाने वाले ब्लूटूथ ऑपरेटेड प्रिंटर के टेंडर से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) ने टेंडर प्रक्रिया में गलत और संदिग्ध दस्तावेज पेश करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 'एमएस एसेंट टेक्नोलॉजी' (M/S Ascent Technology) को आगामी निविदाओं से एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट (प्रतिबंधित) कर दिया है।
जांच के दौरान पाया गया कि फर्म द्वारा जमा किए गए टर्नओवर प्रमाण-पत्र और उसके यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (UDIN) के सत्यापन (वेरिफिकेशन) में भारी अंतर था। एसेंट टेक्नोलॉजीज का सीए (CA) प्रमाण-पत्र पूरी तरह संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद निगम ने फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
18 मई को CSMCL के प्रबंध संचालक पीएस एल्मा की मौजूदगी में इस मामले को लेकर मौखिक सुनवाई रखी गई थी। सुनवाई के दौरान फर्म के प्रतिनिधि आनंद सुहाने ने यह स्वीकार किया कि टर्नओवर सर्टिफिकेट में दी गई जानकारी गलत थी। हालांकि, उन्होंने इसका ठीकरा सीए (CA) पर फोड़ते हुए इसे 'सीए की गलती' बताया। लेकिन निगम प्रशासन ने इस दलील को पूरी तरह अमान्य करते हुए फर्म के माफीनामे को खारिज कर दिया और सख्त कार्रवाई की।
CSMCL के मुताबिक, शराब दुकानों के लिए ब्लूटूथ प्रिंटर खरीदी हेतु 'जेम पोर्टल' (GeM Portal) के जरिए निविदा जारी की गई थी। 29 नवंबर 2025 को जब टेंडर खोले गए, तो इसमें कुल 5 फर्मों ने हिस्सा लिया था। लेकिन तकनीकी और पात्रता शर्तों की कड़ाई से जांच होने पर कोई भी फर्म मानदंडों पर खरी नहीं उतर सकी।
CSMCL के प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में फर्म को भविष्य के लिए सख्त अल्टीमेटम भी दिया गया है। आदेश के तहत अगर फर्म ने आगे कभी भी किसी निविदा में गलत या भ्रामक जानकारी देने की कोशिश की, तो 'जनरल फाइनेंशियल रूल 2017' के तहत उसे सीधे 3 वर्षों के लिए पूरी तरह बाहर (बैन) कर दिया जाएगा।