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भिलाई में आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी खेल प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम भी उनके साथ मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस पूरे भारत में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी कर रही है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पुलिस विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इससे पहले भी राज्य में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन हो चुका है और अब एक बार फिर पुलिस ने पूरे जोश के साथ इस राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन की जिम्मेदारी संभाली है।
उन्होंने बताया कि देशभर के राज्यों और केंद्रीय सशस्त्र बलों के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि लोग समय निकालकर इस प्रतियोगिता को देखें और खेल भावना को बढ़ावा दें।
नक्सलियों के पुनर्वास पर बड़ा बयान
अपने संबोधन में विजय शर्मा ने नक्सल समस्या पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद डिवीजन से नक्सलियों ने स्वयं पत्र लिखकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है।
उन्होंने स्पष्ट कहा “न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार एक भी गोली चलाना चाहती है। जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सरकार लाल कालीन बिछाकर स्वागत करेगी।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि लौटने वाले लोगों के सामाजिक, मानसिक और आर्थिक पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
झीरम घटना का जिक्र
विजय शर्मा ने झीरम घाटी की घटना को याद करते हुए कहा कि वहां शहीद हुए नेताओं और जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा बल आज नक्सल विरोधी अभियान में सफलता ला रहे हैं, तब उनके शौर्य पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों के सम्मान में सुरक्षा बल लगातार काम कर रहे हैं और उनका परिणाम अब दिखने लगा है।
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि नक्सल संगठन की शीर्ष संरचना काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। उन्होंने बताया-
2700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
1800 से अधिक गिरफ्तार हुए
500 से अधिक नक्सली मारे गए
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर लगभग 6000 का नक्सली ढांचा प्रभावित हुआ है और आने वाले समय में स्थिति और नियंत्रण में होगी।
हालांकि उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अभी पूरी तरह सामान्य स्थिति घोषित करना जल्दबाजी होगी।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस बल्कि अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना को भी मजबूत करते हैं। पुलिस बल के जवान खेलों के माध्यम से अपनी क्षमता और मनोबल दोनों को मजबूत कर रहे हैं।
यह प्रतियोगिता आने वाले दिनों में देशभर के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और भाईचारे का मंच बनेगी।