

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh gets no new ips officer 2024 cadre allocation
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य गठन के बाद इतिहास में यह पहला मौका है, जब छत्तीसगढ़ को केंद्र से एक भी नया आईपीएस (IPS) अधिकारी नहीं मिला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024 बैच के 147 नए आईपीएस अधिकारियों के कैडर आवंटन के लिए जारी की गई वैकेंसी लिस्ट में छत्तीसगढ़ का नाम गायब है।
अब तक के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब छत्तीसगढ़ को 'शून्य' (0) आईपीएस आवंटित किए गए हैं। इससे पहले राज्य को हर साल औसतन दो से चार अधिकारी मिलते रहे हैं।
साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से हर बैच में प्रदेश को नए जांबाज अधिकारी मिलते रहे हैं। माओवाद प्रभावित और संवेदनशील राज्य होने के कारण साल 2003 के बाद से केंद्र सरकार यहां विशेष ध्यान देती थी, जिसके चलते कई बार एक ही बैच में 4 से 6 आईपीएस अधिकारी तक छत्तीसगढ़ भेजे गए थे। लेकिन इस बार गृह मंत्रालय की अधिसूचना ने सबको चौंका दिया है।
पुलिस मुख्यालय (PHQ) के विशेषज्ञ और आला अधिकारियों के मुताबिक, इसके पीछे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि एक तकनीकी और व्यावहारिक कारण है।
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में आईपीएस के कुल 142 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 135 पदों पर अधिकारी पहले से ही तैनात हैं। नियम के मुताबिक किसी भी राज्य में 10 फीसदी पद खाली होना सामान्य बात है, लेकिन छत्तीसगढ़ में लगभग सभी पद भरे हुए हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अगले एक साल तक राज्य में तैनात कोई भी आईपीएस अधिकारी रिटायर नहीं हो रहा है। पद खाली न होने की वजह से राज्य सरकार ने केंद्र को नई वैकेंसी की कोई डिमांड ही नहीं भेजी थी। राज्य में नक्सल मोर्चे पर मिली सफलताओं और सुरक्षा व्यवस्था के मजबूत होने को भी पदों की पूर्णता का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सिविल सेवा परीक्षा-2024 की इस लिस्ट में देश के अन्य राज्यों को भारी संख्या में अधिकारी सौंपे गए हैं।
पश्चिम बंगाल: 15 आईपीएस (देश में सबसे ज्यादा)
आंध्र प्रदेश: 14 आईपीएस
उत्तर प्रदेश: 12 आईपीएस
मध्य प्रदेश व असम-मेघालय: 11-11 आईपीएस
महाराष्ट्र: 10 आईपीएस
जानकारों का कहना है कि नए अधिकारियों के न आने से छत्तीसगढ़ की कानून-व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राज्य में पहले से ही पर्याप्त और अनुभवी अधिकारी मौजूद हैं, जो कमान संभालने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।



