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रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने पूर्व आबकारी विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति (एपी) त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। एपी त्रिपाठी भारतीय दूरसंचार सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2013 में एपी त्रिपाठी की कुल संपत्ति 38.08 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 3.32 करोड़ रुपये पहुंच गई। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपनी पत्नी मंजुला त्रिपाठी के साथ मिलकर अपनी वैध आय से लगभग 4.91 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति बनाई। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 54.53 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है।
सीबीआइ की जांच में पता चला कि जांच अवधि के दौरान त्रिपाठी की कुल आय करीब 9 करोड़ रुपये रही, जबकि खर्च 10.97 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया। इस खर्च में विदेशी लेनदेन, म्यूचुअल फंड में निवेश, कॉर्पोरेट निवेश और निजी खर्च शामिल हैं। पूछताछ के दौरान त्रिपाठी इन संपत्तियों और खर्चों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
जांच एजेंसियों के मुताबिक त्रिपाठी ने रायपुर में प्लॉट, नया रायपुर के प्रीमियम गोल्फ कोर्स क्षेत्र में संपत्ति, दुर्ग जिले में जमीन, भिलाई में मकान और आभूषण समेत कई अचल संपत्तियां अर्जित कीं।
इस कार्रवाई के बाद शराब घोटाले की जांच का दायरा और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि अब तीन दर्जन से अधिक अधिकारी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। इससे पहले इस मामले में विवेक ढांड, अनिल टुटेजा और निरंजन दास समेत करीब 70 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।
सीबीआइ की इस नई कार्रवाई से प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।