

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh-manuscript-survey-vishnudev-sai-appeal
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के तहत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित करने के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से संरक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र मौजूद हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल ऐप पर उसकी जानकारी दर्ज कर इस अभियान से जुड़ें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही इस सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है।
प्रदेश में इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है, जबकि शेष जिलों में प्रक्रिया जारी है। सर्वेक्षण कार्य के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण और क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की तैनाती भी की जा रही है।
अब तक छत्तीसगढ़ में 4191 पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है, जबकि पहले केवल 148 पांडुलिपियों की ही जानकारी उपलब्ध थी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस अभियान से राज्य की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर सुरक्षित रूप से आने वाली पीढ़ियों तक पहुँच सकेगी।