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chhattisgarh monsoon 2026 bastar entry date expected june 15
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार थोड़ा लंबा होता जा रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ की सीमा के करीब पहुंचकर पिछले तीन दिनों से ठहरा हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्री-मानसून गतिविधियों और स्थानीय सिस्टम के चलते राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि परिस्थितियां अनुकूल होते ही मानसून अगले 2-3 दिनों में (15 जून के आसपास) सुकमा-बस्तर के रास्ते राज्य में प्रवेश कर सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शनिवार तक तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों तक मानसून पहुंच चुका है। अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और दक्षिणी हवाओं की सक्रियता बढ़ने के कारण आगे बढ़ने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआती सुस्ती का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पूरा सीजन खराब रहेगा। साल 2025 इसका बड़ा उदाहरण है। पिछले साल भी जून में सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, लेकिन जुलाई और सितंबर में हुई जोरदार बारिश ने इसकी कसर पूरी कर दी थी। नतीजतन, पूरे सीजन में राज्य को 1167.4{ मिमी} वर्षा मिली, जो सामान्य से 3% अधिक थी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून का पैटर्न अब बदल रहा है। अब पूरे चार महीने बरसने के बजाय, कुछ महीनों में अत्यधिक और कुछ में कम वर्षा देखने को मिल रही है।
मानसून में देरी से जून के शुरुआती दिनों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम है। राज्य में अब तक केवल 19.5\text{ मिमी} बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 34.6\{ मिमी} वर्षा होनी चाहिए थी। यानी फिलहाल सामान्य से 44 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, मौसम विभाग को उम्मीद है कि 15 जून को बस्तर में एंट्री के बाद इस कमी में तेजी से सुधार आएगा।