

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh naxal cases withdrawal vijay sharma rehabilitation bastar
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रकरणों की वापसी और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि गंभीर अपराध, जनहानि और यूएपीए से जुड़े मामलों को छोड़कर पात्र प्रकरणों की वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

विजय शर्मा ने सभी संबंधित जिलों में अगले 15 दिनों के भीतर जिला स्तरीय प्रकरण वापसी समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य स्तरीय समिति की बैठक 5 नवंबर तक आयोजित करने को कहा। बैठक में जिलों से प्राप्त आवेदनों की प्रकरणवार समीक्षा की गई और हर मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली गई।
करीब 900 पुनर्वासितों की वापसी
बैठक में अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने वाले छत्तीसगढ़ के निवासियों की वापसी और पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। अब तक करीब 900 पुनर्वासितों के राज्य लौटने पर विजय शर्मा ने खुशी जताई।
उन्होंने निर्देश दिए कि लौटने वाले लोगों को पुनर्वास केंद्रों में उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आजीविकापरक प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही उन्हें मोबाइल फोन, प्रशिक्षण किट, पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
भूमि, आवास और रोजगार का लाभ मिले
विजय शर्मा ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र पुनर्वासितों को भूमि आवंटन, आवास, रोजगार, आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
लंबित इनाम राशि के मामलों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अगले महीने होने वाली समीक्षा बैठक से पहले लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी पात्र पुनर्वासितों के आयुष्मान कार्ड और राशन कार्ड बनवाने पर भी जोर दिया गया।
शहीद जवानों और मृत नागरिकों की स्मृति में बनेंगे स्मारक
नक्सल हिंसा में शहीद जवानों और जान गंवाने वाले आम नागरिकों की स्मृति में बनाए जाने वाले स्मारकों की योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई। विजय शर्मा ने कहा कि स्मारक केवल स्मृति स्थल न हों, बल्कि उन्हें जनोपयोगी सुविधाओं से भी जोड़ा जाए।
बड़े नक्सल घटनास्थलों पर बड़े स्मारक बनाने और वहां यात्रियों के रुकने-ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। स्मारक स्थल पर संबंधित घटना, शहीद जवानों और मृत नागरिकों की पूरी जानकारी प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान से परिचित हो सकें।
पंचायत भवन से स्कूल मैदान तक शहीदों के नाम पर होंगे
शहीद जवानों को स्थायी सम्मान देने के लिए पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी भवन, मार्ग, चौक-चौराहे, बाजार और स्कूल मैदान जैसे सार्वजनिक स्थलों का नामकरण शहीदों के नाम पर करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कार्रवाई अगले महीने तक पूरी करने को कहा गया है।
बस्तर के रासायनिक उर्वरक मुक्त गांवों की पहचान
बैठक में बस्तर के ऐसे गांवों की पहचान करने का भी निर्णय लिया गया, जहां अब तक खेती में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धान खरीदी शुरू होने से पहले ऐसे गांवों को आवश्यक व्यवस्थाओं से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
इस पहल में महिला स्वसहायता समूहों को भी जोड़ने और स्थानीय कृषि उत्पादों से रोजगार व आजीविका के अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया।
मां दंतेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर
नवरात्रि के दौरान मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए दंतेवाड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। विजय शर्मा ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक, गृह सचिव नेहा चंपावत, एडीजी एस.आर.पी. कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बस्तर, कोंडागांव, कबीरधाम, राजनांदगांव, महासमुंद, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, दुर्ग और बलरामपुर के कलेक्टर व एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।