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रायपुर। ऑनलाइन जुआ और अवैध सट्टेबाजी को रोकने के लिए राज्य और केंद्रीय एजेंसियों ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 8,400 से अधिक सट्टेबाजी वेबसाइटों को ब्लॉक किया जा चुका है, जिनमें से 4,900 वेबसाइटें ऑनलाइन गेमिंग एक्ट के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। हाल ही में 300 और वेबसाइटों और एप को भी ब्लॉक किया गया है।
प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म में स्पोर्ट्स बेटिंग, ऑनलाइन कैसीनो, स्लॉट मशीन, रूलेट और लाइव डीलर टेबल जैसे हाईटेक जुए शामिल हैं। इसके अलावा, सट्टा मटका और असली पैसे वाले कार्ड गेम पर भी कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियों, जिनमें ईडी, सीबीआई और राज्य की एसीबी-ईओडब्ल्यू शामिल हैं, ने अब तक लगभग 2,600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। बावजूद इसके, ऑनलाइन जुआ और अवैध सट्टेबाजी पूरी तरह से नहीं रुकी है।
जांच में सामने आया कि महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल वॉलेट के माध्यम से लेन-देन कर रहे हैं, जिससे पैसों का ट्रेल पकड़ना मुश्किल हो गया है। लुकआउट नोटिस और इंटरपोल की सक्रियता के बावजूद ये आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।
जांच में पता चला कि प्रमोटरों ने ईरान और आसपास के भू-राजनीतिक तनाव का फायदा उठाते हुए अपने सर्वर और गोपनीय डेटा भारत में सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट कर दिया है। जैसे ही एक वेबसाइट ब्लॉक होती है, वे नए डोमेन और मिरर साइट्स के माध्यम से ग्राहकों तक पहुँच जाते हैं।
जांच अधिकारी कहते हैं कि केवल एप ब्लॉक करना पर्याप्त नहीं है। जब तक सट्टेबाजों के वित्तीय स्रोत और स्थानीय एजेंट नेटवर्क पूरी तरह से खत्म नहीं किए जाते, तब तक ये डिजिटल अपराधी नए नामों के साथ बाजार में लौटते रहेंगे।